मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सनावद से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने ममता और मानसिक स्वास्थ्य के संघर्ष को झकझोर कर रख दिया है। एक मां, जिसने अपने तीन मासूम बच्चों को कुएं में फेंककर मार डाला, वह घटना के 24 घंटे बाद तक पत्थर बनी रही, लेकिन होश आने पर उसका विलाप देख पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए। खरगोन के सनावद थाना क्षेत्र के मलगांव में हुई इस घटना ने प्रसव के बाद महिलाओं में होने वाले मानसिक तनाव (Post-Delivery Depression) की ओर सबका ध्यान खींचा है।

रूह कंपा देने वाली वारदात
मजदूरी के लिए खंडवा से सनावद आए परिवार की महिला नानी बाई ने बुधवार सुबह अपने तीन बच्चों के साथ आत्मघाती कदम उठाया:
-
बच्चों को फेंका: उसने पहले अपने 2 वर्षीय बेटे अर्जुन और 4 वर्षीय बेटे करण को कुएं में फेंका।
-
खुद भी कूदी: इसके बाद वह अपने महज 15 दिन के नवजात शिशु को सीने से लगाकर खुद भी कुएं में कूद गई।
-
बच गई जान: महिला तैरना जानती थी, लेकिन पानी में जाते ही वह घबरा गई और रस्सी व सीढ़ी के सहारे बाहर निकल आई। हालांकि, तब तक तीनों मासूम दम तोड़ चुके थे।
24 घंटे तक सुध-बुध खोई रही मां
सनावद थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद नानी बाई की स्थिति काफी अजीब थी:
-
कोई आंसू नहीं: हिरासत में पूरी रात रहने के बाद भी उसकी आंखों से एक आंसू नहीं निकला। वह बिल्कुल सुन्न और पत्थर की तरह बैठी रही।
-
फूट-फूटकर विलाप: गुरुवार को जब उसकी मानसिक स्थिति सामान्य हुई और उसे अहसास हुआ कि उसके तीनों बच्चे अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो वह थाने में ही घंटों तक फूट-फूटकर रोती रही।
वजह: ‘पोस्ट डिलीवरी डिप्रेशन’
पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह “मानसिक अस्थिरता” का मामला लग रहा है:
-
तनाव का शिकार: महिला ने 15 दिन पहले ही तीसरे बच्चे को जन्म दिया था। वह संभवतः प्रसव के बाद होने वाले गंभीर अवसाद (डिप्रेशन) से गुजर रही थी।
-
संभालने में मुश्किल: अकेले तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और मानसिक स्थिति के कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया। पति कालू ने स्पष्ट किया कि उनके बीच कोई विवाद नहीं था।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने नानी बाई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे खरगोन की महिला जेल भेज दिया गया है








