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KBC विजेता तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार: 2.57 करोड़ के बाढ़ राहत घोटाले में ग्वालियर से दबोची गईं; 23 साल की नौकरी और 25 ट्रांसफर का रहा है रिकॉर्ड

श्योपुर/ग्वालियर। मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित और विवादित प्रशासनिक अधिकारियों में शुमार तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को श्योपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर ...

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| सतना टाइम्स

श्योपुर/ग्वालियर। मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित और विवादित प्रशासनिक अधिकारियों में शुमार तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को श्योपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में 50 लाख रुपये जीतने वाली अमिता पर 2021 के बाढ़ राहत वितरण में ढाई करोड़ रुपये से अधिक के गबन का संगीन आरोप है। कोर्ट से राहत न मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें उनके ग्वालियर स्थित निवास से हिरासत में लिया।

न्यूज़ हेडलाइंस

  • घोटाले का खुलासा: 127 फर्जी हितग्राहियों के खातों में डाली गई राहत राशि; 2.57 करोड़ का हुआ गबन।

  • बड़ी कार्रवाई: केस में अमिता सिंह तोमर समेत 25 पटवारी और कुल 110 लोग बनाए गए हैं आरोपी।

  • विवादों से नाता: प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर भी रह चुकी हैं चर्चा में।

  • केबीसी कनेक्शन: 2011 में केबीसी सीजन-5 में जीती थीं 50 लाख रुपये की राशि।

किस कांड में अमिता सिंह तोमर गईं जेल


क्या है ‘बाढ़ राहत घोटाला’ कांड?

यह मामला साल 2021 का है, जब अमिता सिंह तोमर श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में पदस्थ थीं।

  1. फर्जीवाड़ा: जांच में सामने आया कि 794 असली हितग्राहियों के बजाय 127 ऐसे लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया, जो पात्र ही नहीं थे।

  2. बाहरी खाते: गबन की गई राशि तहसील क्षेत्र के बाहर के खातों में भेजी गई थी, जिसका सीधा संबंध भ्रष्टाचार से पाया गया।

  3. निलंबन और गिरफ्तारी: हाल ही में उन्हें विजयपुर तहसीलदार के पद से हटाया गया था, जिसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की।

110 लोग हैं इस केस में आरोपी

110 लोग हैं इस केस में आरोपी

वहीं, इस केस में कुल 110 लोग आरोपी हैं। इसमें पटवारी अमिता सिंह तोमर के साथ-साथ 25 पटवारी भी आरोपी हैं। मामले की जांच के बाद अमिता सिंह तोमर पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी। विजयपुर तहसीलदार पद से हटाए जाने के बाद अमिता सिंह तोमर को उनके ग्वालियर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

विवादों की ‘फेवरेट’ रही हैं अमिता सिंह तोमर

अमिता सिंह तोमर का करियर जितना सफल रहा, उतना ही विवादों से घिरा रहा:

  • सियासी पोस्ट: अगस्त 2024 में उन्होंने प्रियंका गांधी को लेकर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया था, जिसमें बाद में उन्होंने ‘आईडी हैक’ होने का दावा किया।

  • ट्रांसफर का रिकॉर्ड: 2003 में नायब तहसीलदार के रूप में करियर शुरू करने वाली अमिता का 23 साल की नौकरी में 25 बार ट्रांसफर हो चुका है। बार-बार होते तबादलों को लेकर उन्होंने पीएम मोदी और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अपनी व्यथा भी सुनाई थी।

विवादित पोस्ट को लेकर भी चर्चा

विवादित पोस्ट को लेकर भी चर्चा


केबीसी से मिली थी नेशनल पहचान

अमिता सिंह तोमर पहली बार 2011 में देशभर में तब चर्चा में आईं, जब उन्होंने अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठकर 50 लाख रुपये जीते थे। इसके बाद वे मध्य प्रदेश प्रशासन का एक ग्लैमरस चेहरा बन गई थीं और सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त सक्रियता रहती थी।

केबीसी-5 में जीत चुकी हैं 50 लाख रुपए

केबीसी-5 में जीत चुकी हैं 50 लाख रुपए

23 साल की नौकरी में ट्रांसफर खूब झेलीं

23 साल की नौकरी में ट्रांसफर खूब झेलीं

अब आगे क्या?

श्योपुर पुलिस अब अमिता सिंह तोमर से रिमांड के दौरान पूछताछ करेगी ताकि इस घोटाले की गहराई और इसमें शामिल अन्य बड़े चेहरों का पता लगाया जा सके। 110 आरोपियों वाले इस केस में कई पटवारियों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें