खंडवा, मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया है कि सपनों की उड़ान को गरीबी या विपरीत परिस्थितियाँ नहीं रोक सकतीं। खंडवा के अंबेडकर वार्ड निवासी रूपसिंह सोलंकी, जो वर्तमान में अपर कलेक्टर (IAS) सृष्टि देशमुख के कार चालक हैं, आज अपने बेटे की शानदार सफलता पर गर्व से फूले नहीं समा रहे हैं।
IAS की गाड़ी चलाने वाले पिता का सपना हुआ साकार
रूपसिंह सोलंकी के बेटे ऋतिक सोलंकी ने MPPSC-2023 परीक्षा पास कर जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का पद हासिल किया है।
- दोहरी सफलता: यह ऋतिक की पहली प्रशासनिक सफलता नहीं है। इससे पहले, उन्होंने MPPSC-2022 की परीक्षा में भी सफलता हासिल कर एटीओ (Assistant Treasury Officer) का पद प्राप्त किया था।
- बलिदान की मिसाल: रूपसिंह ने अफसरों के साथ ड्यूटी करते हुए ही ठान लिया था कि उनके बेटे भी अफसर बनेंगे। उन्होंने अपने खर्चों में कटौती की, अपनी और पत्नी की जरूरतों को पीछे छोड़ा। एक समय तो उन्होंने GPS बेचकर बेटे को UPSC की कोचिंग लेने के लिए दिल्ली भेजा था।
अब नज़रें बड़े सपने पर टिकीं
आज रूपसिंह का यही त्याग और मेहनत रंग लाई है। अब उनकी आंखों में सिर्फ एक सपना है: एक दिन मेरा बेटा कलेक्टर बनेगा।
परिवार के लिए यह दोहरी खुशी का मौका है:
- बड़े बेटे की सफलता: रूपसिंह के बड़े बेटे राहुल सोलंकी भी मध्य प्रदेश वन सेवा परीक्षा में सफल होकर वर्तमान में चंद्रपुर फॉरेस्ट अकादमी (महाराष्ट्र) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
यह कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि उस संघर्ष, विश्वास और एक पिता के अटूट बलिदान की मिसाल है, जिसने अभावों के बावजूद अपने बेटों को प्रशासनिक अफसर बना दिया। ऋतिक और राहुल की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है जो गरीबी को अपनी राह में बाधा मानते हैं।








