इंदौर। शहर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। 43 वर्षीय एकनाथ वाघ ने अपनी पत्नी रोहिणी (38) की हत्या करने के बाद स्वयं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उनके दोनों बेटे घर पर नहीं थे। जब बच्चे वापस लौटे, तो माता-पिता के शव देखकर उनकी चीख निकल गई।
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बच्चों को बाहर भेजकर रची मौत की साजिश
एकनाथ ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।
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दूध का बहाना: सुबह करीब 8 बजे एकनाथ ने अपने 17 और 13 साल के बेटों को दूध लेने के लिए बाजार भेज दिया।
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भयावह मंजर: 20 मिनट बाद जब बच्चे घर लौटे, तो उन्होंने सामने वाले कमरे में पिता को साड़ी के फंदे से लटका पाया। अंदर वाले कमरे में उनकी मां मृत अवस्था में पड़ी थी।
संघर्ष के निशान और सुसाइड नोट का अभाव
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन जांच में कुछ अहम सुराग मिले हैं:
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टूटी हुई चूड़ियाँ: रोहिणी के शव के पास फर्श पर टूटी हुई चूड़ियाँ मिली हैं, जिससे पुलिस का अंदेशा है कि हत्या से पहले पति-पत्नी के बीच काफी संघर्ष हुआ होगा।
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पोस्टमार्टम: पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सटीक समय और तरीके का पता चल सके।
आर्थिक तंगी: बेच दिए थे दो-दो मकान
परिजनों से पूछताछ में परिवार की बदहाली की कहानी सामने आई है:
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काम की कमी: एकनाथ थ्री-व्हीलर मैकेनिक था, लेकिन पिछले कुछ समय से काम ठप होने के कारण वह गंभीर आर्थिक संकट में था।
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संपत्ति बेची: कर्ज चुकाने के लिए एकनाथ ने अपने दो मकान (एक 6 लाख और दूसरा 9 लाख रुपये में) बेच दिए थे, फिर भी वह कर्ज के बोझ से उबर नहीं पाया। फिलहाल परिवार किराए के मकान में रह रहा था।
अनाथ हुए दो मासूम
इस खौफनाक कदम ने दो मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार में अक्सर आर्थिक तंगी को लेकर तनाव रहता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि एकनाथ इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
घटना का सारांश
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स्थान: परदेशीपुरा, इंदौर।
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मृतक: एकनाथ वाघ (43) और रोहिणी वाघ (38)।
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वजह: अत्यधिक कर्ज और कमजोर आर्थिक स्थिति।
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पीड़ित: 17 और 13 साल के दो बेटे, जो अब अनाथ हैं।








