इंदौर, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश की राजनीति के दिग्गज और मोहन यादव सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने धनतेरस के पावन अवसर पर एक ख़ास परंपरा निभाई। वह अपनी दशकों पुरानी पारिवारिक किराना दुकान पर बैठे और स्वयं ग्राहकों को सामान बेचकर “ग्राहकी” की। इस दौरान उन्होंने राजनीति पर भी खुलकर बात की और कई तीखे बयान दिए।
राहुल गांधी की यात्राओं पर तीखा प्रहार
अपनी पारंपरिक दुकान से ग्राहकों को सामान बेचते हुए, मंत्री विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पैदल यात्राओं पर कटाक्ष किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी कितनी भी पैदल यात्रा कर लें, लेकिन जब तक देश को जानने के लिए दिमाग न हो, तब तक आप देश को नहीं जान सकते।” उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी की समझ और नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़ा किया।

बिहार में NDA की जीत और नीतीश पर भरोसा
बिहार विधानसभा चुनाव पर बोलते हुए, कैलाश विजयवर्गीय ने एनडीए गठबंधन की जीत का दावा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं और वह जल्द ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते हुए नजर आएंगे।
किन्नर विवाद पर बड़ा खुलासा, परंपरा से छेड़छाड़ न करने के निर्देश
हाल ही में इंदौर में हुए किन्नर विवाद के मुद्दे पर मंत्री विजयवर्गीय ने हस्तक्षेप की बात कही। उन्होंने खुलासा किया कि लगभग 150 किन्नरों का एक दल उनसे मिलने आया था और अपनी समस्या बताई। मंत्री ने चिंता जताई कि कुछ तत्वों ने जानबूझकर किन्नरों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश की, जबकि शहर में उनके बीच हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों की पुरानी परंपराएं निभाई जाती रही हैं।
उन्होंने तुरंत इंदौर कलेक्टर से बात की और सख्त निर्देश दिए कि किन्नरों की सदियों पुरानी परंपराओं से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न की जाए।
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जड़ों से जुड़ाव: “इस दुकान से चलता है परिवार का खर्च”
मंत्री विजयवर्गीय के लिए यह किराना दुकान केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उनकी जड़ों से गहरा जुड़ाव है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जितनी उनकी उम्र है, उतनी ही इस दुकान की भी उम्र हो चुकी है।
उन्होंने गर्व से बताया कि यह दुकान नंदा नगर क्षेत्र के रहवासियों के लिए ‘संगम’ है, जहां बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लोग बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के खरीदारी करने आते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इस दुकान से उनके परिवार का आर्थिक खर्च भी चलता है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वह किसी भी बड़े पद पर क्यों न हों, लेकिन धनतेरस पर व्यापार करने जरूर पहुँचते हैं।
मंत्री विजयवर्गीय का धनतेरस पर अपनी दुकान पर बैठकर ग्राहकों से जुड़ना और साथ ही राष्ट्रीय-स्थानीय मुद्दों पर बेबाक संवाद, इंदौर के सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बना हुआ है।








