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‘चॉकलेट ट्रैप’ से करता था मासूमों का शिकार, दरिंदे को इंदौर जिला कोर्ट ने सुनाई दोहरी उम्रकैद

इंदौर: इंदौर की जिला अदालत ने मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म और अश्लील कृत्य करने के एक घृणित मामले में कड़ा रुख ...

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| सतना टाइम्स

इंदौर: इंदौर की जिला अदालत ने मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म और अश्लील कृत्य करने के एक घृणित मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी 52 वर्षीय किराना दुकानदार को दोहरे आजीवन कारावास (Double Life Imprisonment) की सख्त सजा सुनाई है।

indore court

‘चॉकलेट ट्रैप’ से करता था शिकार

  • दोषी: 52 वर्षीय किराना दुकानदार।

  • अपराध का तरीका: आरोपी अपनी दुकान पर सामान लेने आने वाली नाबालिग बच्चियों को चॉकलेट का लालच देकर अंदर बुलाता था और उनके साथ आपराधिक कृत्य करता था।

  • पीड़ित:

    • एक 11 वर्षीय बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म (Rape) किया गया।

    • एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ अश्लील हरकतें (छेडछाड़ और अश्लील वीडियो दिखाना) की गईं।

ऐसे सामने आया मामला

मामला $4$ नवंबर $2023$ को तब सामने आया जब एक $12$ वर्षीय बच्ची की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

  1. बच्ची की मां को पड़ोस की एक बच्ची ने बताया कि दुकानदार ने उसकी बेटी के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की है।

  2. मां द्वारा पूछताछ करने पर $12$ वर्षीय पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे अश्लील वीडियो दिखाता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था।

  3. इसके बाद मां की छोटी बहन की $11$ वर्षीय बेटी ने सामने आकर बताया कि दुकानदार ने उसे दुकान के अंदर बुलाकर उसके कपड़े उतारे और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। धमकी के डर से उसने यह बात पहले किसी को नहीं बताई थी।

कोर्ट का कड़ा फैसला

करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद जिला न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।

  • सजा: कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में आरोपी को अलग-अलग सश्रम आजीवन कारावास की दोहरी सजा सुनाई।

  • न्याय का आधार: कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने नाबालिगों के साथ अत्यंत गंभीर और घृणित अपराध किए हैं, इसलिए ऐसे मामलों में न्यूनतम दंड देना न्यायोचित नहीं है।

  • जुर्माना और अन्य सजाएं: आजीवन कारावास के अतिरिक्त, अन्य धाराओं में $10$ वर्ष तक का सश्रम कारावास, कुल ₹28,500 का अर्थदंड और आईटी एक्ट के तहत $3$ वर्ष की अतिरिक्त सजा भी दी गई।

  • मुआवजा: कोर्ट ने रेप पीड़िता बालिका को हुई शारीरिक और मानसिक क्षति के लिए ₹3 लाख का मुआवजा देने की अनुशंसा भी की है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें