भोपाल: इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों का संचालन अचानक बंद होने का सीधा असर न केवल यात्रियों पर पड़ा है, बल्कि इसने सरकारी खजाने को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। अकेले भोपाल के राजाभोज हवाई अड्डे को इस संकट के शुरुआती पाँच दिनों (4 से 8 दिसंबर) में ही लगभग ₹1 करोड़ का राजस्व नुकसान उठाना पड़ा है।
हवाई अड्डा राजस्व पर सीधा असर
भोपाल से किसी भी विमानन कंपनी का टिकट बुक कराने पर यात्रियों को तीन तरह के शुल्क देने होते हैं: यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF), रीजनल कनेक्टिविटी चार्ज (RCC), और एविशन फीस। यह शुल्क लगभग ₹700 प्रति यात्री होता है और इसका उपयोग हवाई अड्डा प्राधिकरण यात्री सुविधाओं के संधारण और विस्तार पर करता है।
यात्रियों की संख्या और राजस्व हानि
| विवरण | सामान्य दैनिक औसत | संकट के दौरान औसत (4-8 दिसंबर) | हानि |
| दैनिक यात्री संख्या | 5,556 यात्री | 3,656 यात्री | प्रतिदिन 1,900 यात्रियों की कमी |
| यूडीएफ हानि (5 दिन में) | – | ₹66.50 लाख | (₹700 x 1900 यात्री x 5 दिन) |
नुकसान का आकलन (5 दिन में):
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यूडीएफ/आरसीसी शुल्क की हानि: ₹66 लाख 50 हजार रुपये।
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अन्य शुल्क (पार्किंग, लाउंज, कॉमर्शियल स्पेस): यात्रियों की परेशानी को देखते हुए प्राधिकरण ने तीन दिन तक पार्किंग शुल्क माफ किया, साथ ही विमान नहीं आने से कॉमर्शियल स्पेस शुल्क और लाउंज प्रवेश शुल्क (₹75 प्रति यात्री) का नुकसान हुआ। यह कुल नुकसान लगभग ₹30 से ₹35 लाख रुपये आंका गया है।
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कुल अनुमानित नुकसान: ₹1 करोड़ के आसपास।
यात्रियों का भरोसा कमजोर
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने स्वीकार किया कि इंडिगो के संकट की वजह से राजस्व का नुकसान हुआ है, लेकिन उन्होंने कहा कि प्राधिकरण केवल यात्री हित देख रहा है।
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पार्किंग शुल्क माफी: यात्रियों की परेशानी को देखते हुए ही कुछ समय तक पार्किंग शुल्क माफ किया गया था।
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भविष्य की चिंता: हालांकि इंडिगो ने अब भोपाल से सभी उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया है, लेकिन यात्रियों का भरोसा अभी भी कमजोर है। इस कारण उड़ानों को 100 प्रतिशत पैसेंजर लोड नहीं मिल पा रहा है, जिससे हवाई अड्डे के पैसेंजर ग्रोथ प्लान की गति भी थम सकती है।









