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कर्ज के भंवर में मध्य प्रदेश: बजट से 55,000 करोड़ ज्यादा हुआ कर्ज, 5200 करोड़ की नई किस्त ने बढ़ाई चिंता

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में सरकार ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में सरकार ने 5200 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का फैसला किया है, जो तीन किस्तों में जारी किया जाएगा। इस नई राशि के साथ राज्य पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर लगभग 4.75 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।

Mohan Government Took Debt

बजट के आकार को पार कर गया कर्ज

राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि मध्य प्रदेश का कुल कर्ज अब उसके वार्षिक बजट से भी अधिक हो गया है।

  • बजट 2025-26: 4.21 लाख करोड़ रुपये।

  • अनुमानित कुल कर्ज: 4.75 लाख करोड़ रुपये।

  • अंतर: कर्ज, बजट के आकार से लगभग 55,000 करोड़ रुपये अधिक है।

कर्ज का गणित: क्यों ले रही है सरकार लोन?

राज्य सरकार और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बढ़ते कर्ज को विकास के लिए आवश्यक बताया है। सरकार के अनुसार:

  1. बुनियादी ढांचा: सिंचाई, बांध, नहरें और बिजली वितरण कंपनियों के सुदृढ़ीकरण के लिए भारी निवेश की जरूरत है।

  2. लाडली बहना योजना: इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 1850 करोड़ रुपये बांटे जा रहे हैं। सरकार ने इस राशि को 2028 तक बढ़ाकर 3000 रुपये करने का लक्ष्य रखा है, जिससे खजाने पर बोझ बढ़ेगा।

  3. केंद्र की योजनाएं: केंद्र प्रवर्तित योजनाओं (Centrally Sponsored Schemes) में राज्य का हिस्सा पूरा करने के लिए भी फंड की आवश्यकता होती है।

चालू वर्ष में लिए गए प्रमुख कर्ज (एक नजर में)

तारीख राशि (करोड़ रुपये)
30 जनवरी 2026 5200
2 जनवरी 2026 4000
2 दिसंबर 2025 3000
7 नवंबर 2025 4000
24 अक्टूबर 2025 5200 (कुल दो किस्तें)
जुलाई – सितंबर 2025 लगभग 21,300

विपक्ष और विशेषज्ञों की चिंता

विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल इवेंट और लोकलुभावन योजनाओं के लिए कर्ज ले रही है, जिससे भविष्य की पीढ़ियों पर ब्याज का बोझ बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि कर्ज का बजट से अधिक होना राज्य की ‘वित्तीय स्वायत्तता’ के लिए खतरा हो सकता है, क्योंकि राजस्व का एक बड़ा हिस्सा केवल ब्याज चुकाने में ही चला जाता है।

हालाँकि, मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि राज्य की जीडीपी (GSDP) में 14-15% की वृद्धि हो रही है, जो यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था मजबूत है और कर्ज का उपयोग लाभकारी संपत्तियों (Productive Assets) के निर्माण में हो रहा है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें