होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

सतना अस्पताल: नवजातों के वार्ड में ‘चूहा-प्रेम’! स्टाफ ने चूहे को भगाने के बजाय खिलाई मुंगौड़ी; 4 डॉक्टर और 20 नर्सों पर गिरी गाज

सतना (मध्य प्रदेश):मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल का एसएनसीयू (SNCU) वार्ड, जहाँ सांसों के लिए जूझ रहे नवजातों को रखा जाता ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

सतना (मध्य प्रदेश):मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल का एसएनसीयू (SNCU) वार्ड, जहाँ सांसों के लिए जूझ रहे नवजातों को रखा जाता है, वहां मानवता और ड्यूटी को शर्मसार करने वाला वाकया सामने आया है। अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से खुलासा हुआ है कि वार्ड में तैनात स्टाफ चूहे को भगाने या पकड़ने के बजाय उसे बड़े प्यार से ‘मुंगौड़ी’ खिला रहा था। इस घोर लापरवाही का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

CCTV ने खोली ‘टॉम एंड जेरी’ खेल की पोल

पिछले दिनों वार्ड में चूहों की धमाचौकड़ी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिससे अस्पताल की जमकर किरकिरी हुई थी। जब प्रबंधन ने मामले की गहराई से जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो सच देखकर अधिकारी दंग रह गए। फुटेज में साफ दिखा कि स्टाफ ने चूहे को देखकर न तो प्रबंधन को सूचना दी और न ही उसे पकड़ने की कोशिश की, बल्कि वे उसे खाना खिलाकर उसका वीडियो बनाने में मशगूल थे।

4 डॉक्टरों समेत 24 को कारण बताओ नोटिस

इस लापरवाही पर सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए 4 डॉक्टरों और 20 नर्सिंग ऑफिसरों को तत्काल प्रभाव से ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। नोटिस पाने वालों में प्रमुख नाम शामिल हैं:

  • डॉक्टर: डॉ. सुधांशु गर्ग, डॉ. योगेश मिश्रा, डॉ. मनोज सिंह और डॉ. शिवदीप विश्वकर्मा।

  • नर्सिंग स्टाफ: वार्ड में तैनात 20 नर्सिंग ऑफिसर।

    इन सभी को जवाब देने के लिए मात्र 2 दिन का समय दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन या वेतन वृद्धि रोकने जैसी कठोर कार्रवाई हो सकती है।

प्रोटोकॉल की उड़ीं धज्जियां

अस्पताल के सहायक प्रबंधक डॉ. धीरेंद्र वर्मा के अनुसार, मेडिकल प्रोटोकॉल कहता है कि वार्ड में चूहा दिखने पर तुरंत पेस्ट कंट्रोल, हाउसकीपिंग या माउस ट्रैप की व्यवस्था के लिए प्रबंधन को लिखित सूचना देनी चाहिए थी।

“स्टाफ ने सूचना देने के बजाय वीडियो वायरल होने दिया और चूहों को दाना खिलाया, जिससे न केवल मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ी, बल्कि पूरे प्रदेश में विभाग की छवि धूमिल हुई है।”

संक्रमण का बड़ा खतरा

एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात बच्चों की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बहुत कम होती है। ऐसे में चूहों की मौजूदगी से लेप्टोस्पायरोसिस और अन्य घातक संक्रमणों का खतरा रहता है। चूहों को मुंगौड़ी खिलाकर वहां और अधिक चूहों को आमंत्रित करना किसी आपराधिक लापरवाही से कम नहीं माना जा रहा है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें