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सतना में ‘रक्षक ही बने भक्षक’: चित्रकूट के जंगलों में 100 से ज्यादा पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी; सबूत मिटाने के लिए दावानल (आग) का सहारा लेने की आशंका

सतना | वनमंडल सतना के अंतर्गत बरौंधा रेंज में वनों की कटाई और फिर आगजनी का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। ...

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| सतना टाइम्स

सतना | वनमंडल सतना के अंतर्गत बरौंधा रेंज में वनों की कटाई और फिर आगजनी का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। चित्रकूट उप वन मंडल के महतैन और मोहनी बीर क्षेत्रों में करीब 20 साल पुराने सैकड़ों पेड़ों को योजनाबद्ध तरीके से काट दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कटाई के निशान मिटाने के लिए जंगल में आग लगा दी गई, ताकि इसे एक ‘प्राकृतिक दुर्घटना’ करार दिया जा सके।

मुख्य बिंदु 

  • बड़े पैमाने पर विनाश: महतैन बीर क्रमांक 138-139 में लगभग 100 पुराने पेड़ों की अवैध कटाई की गई।

  • साजिश की बू: कटाई के तुरंत बाद (14 से 17 अप्रैल के बीच) जंगल में आग लगाई गई, जिससे ठूंठ और अवशेष जलकर खाक हो जाएं।

  • संदिग्ध कार्य: मोहनी बीर के कक्ष क्रमांक 89 में 27 हेक्टेयर और महतैन बीर के कक्ष 184 में 15 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्यों को लेकर अनियमितता के आरोप हैं।

  • विभागीय चुप्पी: इतने बड़े घटनाक्रम के बावजूद स्थानीय वन अमले की खामोशी मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है।


आंकड़े बयां कर रहे हैं धांधली की कहानी

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण प्रेमियों का दावा है कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला हो सकता है। आरोप है कि पौधरोपण के नाम पर कागजी खानापूर्ति की गई और जो पुराने पेड़ मौजूद थे, उन्हें काटकर ठिकाने लगा दिया गया। जिला पंचायत सदस्य संजय सिंह कछवाह ने सीधे तौर पर विभाग की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

अधिकारियों का पक्ष

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं:

  1. मयंक चांदीवाल (DFO, सतना): “मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”

  2. अभिषेक तिवारी (SDO, चित्रकूट): “जांच करवाते हैं कि पेड़ किस उद्देश्य से काटे गए या झाड़-झंखाड़ हटाने की प्रक्रिया थी।”


जनता में भारी आक्रोश

बरौंधा रेंज की इस घटना ने सतना के पर्यावरण प्रेमियों को झकझोर दिया है। लोगों का कहना है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे, तो विंध्य के इन सघन जंगलों को बचाना नामुमकिन होगा। 27 अप्रैल को इस मामले में विभागीय स्तर पर बड़ी शिकायत दर्ज कराने की तैयारी है।


खबर का सारांश 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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