
क्या था पूरा मामला?
- नृशंस हत्या: मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके एडीपीओ ने बताया कि यह घटना 12 दिसंबर को पंधाना थाना क्षेत्र के छनेरा गांव में हुई थी। आरोपी चंपालाल उर्फ नंदू ने अपने पड़ोस में रहने वाले रामनाथ पर जादू-टोने की शंका करते हुए कुल्हाड़ी से वार कर उनकी गर्दन शरीर से अलग कर दी थी।
- दहशत का माहौल: घटना के समय मृतक रामनाथ की पत्नी ने शोर मचाया, जिस पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन, आरोपी नंदू कुल्हाड़ी लेकर लाश के पास खड़ा रहा और चिल्लाता रहा कि “कोई पास में आएगा तो उसे भी कुल्हाड़ी से काट दूंगा।” उसके इस खौफनाक रूप के कारण डर के मारे कोई भी उसके पास नहीं जा सका।
- पुलिस की तत्परता: सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी नंदू को गिरफ्तार कर उसके हाथ से कुल्हाड़ी जब्त की। एसआई रामप्रकाश यादव ने मृतक का सिर एवं धड़ अलग-अलग बरामद किए थे।

डीएनए रिपोर्ट और पुलिस साक्ष्य बने आधार
मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपी चंपालाल उर्फ नंदू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान, डीएनए रिपोर्ट और घटनास्थल पर पुलिस की तत्काल उपस्थिति को अहम साक्ष्य माना गया। इन्हीं ठोस प्रमाणों के आधार पर खंडवा न्यायालय ने चंपालाल उर्फ नंदू को मृत्यु दंड की सजा सुनाई, जिससे न्याय की जीत हुई है और यह संदेश गया है कि ऐसे जघन्य अपराधों के लिए कड़ी सजा मिलेगी।







