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विवादों में कांग्रेस नेत्री: नक्सल कमांडर हिड़मा को बताया ‘कामरेड’ और लिखा ‘लाल सलाम’, छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (छत्तीसगढ़): युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सहसचिव और स्थानीय नेता प्रीति मांझी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़े विवादों में घिर ...

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| सतना टाइम्स

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (छत्तीसगढ़): युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सहसचिव और स्थानीय नेता प्रीति मांझी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़े विवादों में घिर गई हैं। उन्होंने कुख्यात माओवादी कमांडर माड़वी हिड़मा के नाम के साथ ‘कामरेड’ शब्द का इस्तेमाल किया और पोस्ट में ‘लाल सलाम’ भी लिखा, जिससे छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया है।

हिड़मा की मौत और राजनीतिक पोस्ट

यह विवाद तब सामने आया जब 18 नवंबर को सुकमा-बीजापुर-आंध्र बॉर्डर के जंगलों में सुरक्षाबलों ने एक संयुक्त मुठभेड़ में हिड़मा, उसकी पत्नी राजे और पांच अन्य नक्सलियों को ढेर कर दिया था।

माड़वी हिड़मा देश के सबसे खतरनाक नक्सल कमांडरों में से एक था, जिसे झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शहीद हुए थे। हिड़मा पर 340 से अधिक हत्याओं के आरोप थे। ऐसे खूंखार नक्सली कमांडर को कांग्रेस नेत्री द्वारा ‘कामरेड’ और ‘लाल सलाम’ कहना राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और विस्फोटक बन गया है।

नेत्री ने दी सफाई: पोस्ट थी निजी

विवाद बढ़ने पर प्रीति मांझी ने सफाई जारी करते हुए कहा कि उनकी पोस्ट पूरी तरह से व्यक्तिगत थी।

  • उन्होंने दावा किया कि ‘लाल सलाम’ शब्द उन्होंने छत्तीसगढ़ की जल, जंगल, जमीन की पारंपरिक विचारधारा के संदर्भ में लिखा था, न कि किसी उग्रवादी समूह को समर्थन देने के उद्देश्य से।

  • उन्होंने स्पष्ट किया कि वह नक्सलवाद की विचारधारा का स्पष्ट रूप से विरोध करती हैं और नक्सलियों का समर्थन करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।

फर्जी एनकाउंटर की जांच की मांग

प्रीति मांझी ने झीरम घाटी हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। हालांकि, हिड़मा के एनकाउंटर पर उन्होंने कहा कि हिड़मा की मां द्वारा लगाए गए ‘फर्जी मुठभेड़’ के आरोपों (जिसमें छह लोगों को हिरासत में लेकर एनकाउंटर किए जाने की बात कही गई) की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि आरोपों में सच्चाई होने पर वह सामने आ सके।

कांग्रेस नेत्री की यह विवादास्पद पोस्ट ऐसे समय में आई है जब पार्टी पहले से ही झीरम घाटी के पीड़ितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती रही है, जिससे उनके बयान ने पार्टी को असहज स्थिति में डाल दिया है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें