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सुप्रीम कोर्ट में झूठे हलफनामे पर अहम सुनवाई: पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट तलब, कोर्ट जानना चाहता है- क्या एक्शन लिया

इंदौर: इंदौर पुलिस की एक बड़ी और गंभीर चूक सामने आई है, जहाँ सुप्रीम कोर्ट में आरोपी अनवर हुसैन के आपराधिक रिकॉर्ड ...

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| सतना टाइम्स

इंदौर: इंदौर पुलिस की एक बड़ी और गंभीर चूक सामने आई है, जहाँ सुप्रीम कोर्ट में आरोपी अनवर हुसैन के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर झूठा हलफनामा पेश किया गया। इस मामले में आज (9 दिसंबर) सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई है। पिछली सुनवाई में अदालत ने हलफनामे को तथ्यों से परे बताया था और अब इंदौर पुलिस कमिश्नर को लार्जर एफिडेविट जमा करके यह स्पष्ट करना है कि दोषी अधिकारियों पर क्या विभागीय कार्रवाई की गई है।

Indore News

झूठा हलफनामा और चौंकाने वाला खुलासा

मामला तब सामने आया जब चंदन नगर थाना क्षेत्र के आरोपी अनवर हुसैन की जमानत का विरोध करने के लिए दो अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया:

  • दोषी अधिकारी: टीआई इंद्रमणि पटेल और एडीसीपी दिशेष अग्रवाल।

  • दावा: अधिकारियों ने हलफनामा पेश कर दावा किया कि आरोपी अनवर हुसैन पर आठ गंभीर अपराध दर्ज हैं।

  • कोर्ट की जांच में खुलासा: जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की दो सदस्यीय बेंच ने रिकॉर्ड की जांच करवाई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

    • बताए गए आठ में से चार मामलों में अनवर हुसैन का नाम ही नहीं था।

    • IPC की धारा 376 (रेप) का एक केस भी गलत तरीके से अनवर पर जोड़ दिया गया, जबकि वह अपराध किसी अन्य व्यक्ति करण पवार के खिलाफ दर्ज था और वह भी रेप नहीं, बल्कि आर्म्स एक्ट का मामला था।

हाईकोर्ट में भी यही गलती दोहराई गई

सीनियर एडवोकेट नीरज सोनी के मुताबिक, यह खुलासा 28 अक्टूबर 2025 को सामने आया।

  • हाईकोर्ट में दोहराव: चंदन नगर पुलिस ने इससे पहले हाईकोर्ट में भी आठ अपराधों का ही हवाला दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में दोहराया गया।

  • काउंटर एफिडेविट: अनवर की ओर से दायर काउंटर एफिडेविट में स्पष्ट किया गया कि उसके खिलाफ सिर्फ चार मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक में वह बरी भी हो चुका है।

दबाव बढ़ने पर दूसरा हलफनामा

कोर्ट का दबाव बढ़ने पर पुलिस ने बाद में दूसरा हलफनामा पेश किया और अपनी गलती स्वीकार की:

  • स्वीकारोक्ति: पुलिस ने स्वीकार किया कि मंडलेश्वर और सनावद के जिन तीन मामलों का हवाला दिया गया था, वे किसी अन्य ‘अनवर’ के खिलाफ दर्ज हैं। साथ ही, चंदन नगर थाने का रेप केस भी गलत तरीके से अनवर पर दर्शाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इस गंभीर चूक पर संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर को भी पक्षकार बनाया था और आज की सुनवाई में दोषी अधिकारियों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें