भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च के पहले पखवाड़े में ही झुलसाने वाली गर्मी पड़ने लगी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। विशेष रूप से ग्वालियर, चंबल और सागर संभागों में गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।

राजस्थान की गर्म हवाओं का असर
पड़ोसी राज्य राजस्थान से आ रही खुश्क और गर्म हवाओं ने मालवा-निमाड़ सहित पूरे मध्य प्रदेश के तापमान में उछाल ला दिया है। रतलाम, धार, और गुना जैसे जिलों में सुबह 10 बजे से ही धूप की तपिश इतनी तेज हो जाती है कि लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
दिन और रात, दोनों हो रहे गर्म
सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातों के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है:
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दिन का तापमान: ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में पारा सामान्य से 5°C अधिक है।
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रात का तापमान: ग्वालियर, रीवा और शहडोल संभागों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.8°C तक अधिक रिकॉर्ड किया गया है, जिससे रात की ठंडक अब गायब हो गई है।
प्रमुख शहरों का तापमान (11 मार्च 2026)
| शहर | अधिकतम तापमान | स्थिति |
| खजुराहो | 38.6°C | सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल |
| सागर | 38.2°C | सामान्य से अधिक |
| ग्वालियर | 37.2°C | तीखी धूप |
| उज्जैन | 37.0°C | तपिश बरकरार |
| भोपाल | 36.8°C | गर्म हवाएं |
| इंदौर | 36.4°C | सामान्य से ऊपर |
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के अनुसार, आगामी 48 घंटों में तापमान में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। यदि पारा इसी तरह बढ़ता रहा, तो मार्च के मध्य तक प्रदेश के कई जिलों में आधिकारिक तौर पर ‘हीटवेव’ (लू) की घोषणा की जा सकती है। हाल ही में इंदौर एयरपोर्ट पर रनवे का डामर पिघलने की घटना ने इस बढ़ती गर्मी की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है।
बचाव के उपाय
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दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
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शरीर में पानी की कमी न होने दें, तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।
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बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढंककर रखें।
प्रमुख बिंदु
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हॉटस्पॉट: रतलाम और खजुराहो में पारा 40°C के निकट।
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कारण: राजस्थान से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं।
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अलर्ट: ग्वालियर और चंबल संभाग में तापमान सामान्य से 5 डिग्री ऊपर।
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ट्रेड: मार्च के अंत तक भीषण गर्मी और लू की संभावना।








