सागर (मध्य प्रदेश) – हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर पूरा फिल्म जगत शोक में डूब गया है। मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा अपने सीनियर कलाकार धर्मेंद्र को याद करते हुए बेहद भावुक नज़र आए।
सोमवार को सागर पहुंचे आशुतोष राणा ने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह एक ‘ग्रीक गॉड’ थे और उनके जैसा व्यक्तित्व सदियों में कभी गढ़ा जाता है।
धर्मेंद्र को बताया ‘अभिनय की संपूर्ण पाठशाला’
अभिनेता आशुतोष राणा ने दिवंगत सुपरस्टार धर्मेंद्र के व्यक्तित्व और कला की तारीफ करते हुए कहा:
“धर्मेंद्र अद्भुत अभिनेता रहे हैं और ‘ग्रीक गॉड’ माने जाते थे। मुझे लगता नहीं है कि सदियों में ऐसा कोई एक व्यक्तित्व गढ़ा जाता है। वो जितने खूबसूरत थे, उतना ही उनका अद्भुत एक्शन होता था। कॉमेडी में अगर आप उनको देखो तो अप्रतिम कॉमेडी करते थे।”
राणा ने उनकी क्लासिक फिल्मों जैसे ‘चुपके-चुपके’ और ‘शोले’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि धर्मेंद्र अभिनय की एक ‘संपूर्ण पाठशाला’ थे। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र जैसा हंसमुख, कामेडियन और गंभीर कलाकार आज तक पैदा नहीं हुआ, और उनसे हमने बहुत कुछ सीखा है।
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डॉ. गौर की समाधि पर नंगे पैर पहुंचे राणा
धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देने के अलावा, आशुतोष राणा अपनी शिक्षा स्थली डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय भी पहुंचे। राणा विश्वविद्यालय के संस्थापक, दानवीर डॉ. सर हरीसिंह गौर की समाधि पर नंगे पैर गए और प्रणाम कर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने डॉ. गौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
डॉ. गौर के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग
इस दौरान फिल्म स्टार आशुतोष राणा ने महान दानवीर और शिक्षाविद डॉ. हरीसिंह गौर को देश का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ दिए जाने की प्रबल मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि डॉ. गौर को भारत रत्न दिलवाने के लिए यदि उन्हें भिक्षा भी मांगनी पड़े, तो वह मांगेंगे। उन्होंने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि “हम भिक्षा में यही मांगेंगे कि डॉ. गौर को भारत रत्न दे दीजिए।”








