सिवनी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक अनोखी और मानवीय घटना सामने आई है, जहाँ नेवले से भीषण लड़ाई में गंभीर रूप से घायल हुए एक इंडियन स्पेक्टिकल कोबरा की सफल सर्जरी की गई है। सर्पमित्र की तत्परता और डॉक्टर के साहस ने नागराज की जान बचा ली।
घायल कोबरा पहुंचा अस्पताल
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घटना: सिवनी में एक कोबरा सांप (इंडियन स्पेक्टिकल कोबरा) और एक नेवले के बीच भीषण लड़ाई हुई। इस लड़ाई में नेवले के पंजों से नागराज का फन गंभीर रूप से चोटिल हो गया और गहरे घाव बन गए।
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सर्पमित्र की पहल: सर्पमित्र कल्लू लोधी को जब घायल और बेसुध पड़े कोबरा की जानकारी मिली, तो उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए सांप को सुरक्षित रूप से उठाकर सिवनी मालवा पशु चिकित्सालय पहुंचाया।
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डॉक्टर का अनुभव: सहायक चिकित्सक गोविंद सराठे के लिए यह पहली दफा था जब उन्हें किसी कोबरा सांप का इलाज करना था। सर्पमित्र कल्लू लोधी ने असिस्टेंट के रूप में साथ दिया।
सर्जरी और टांके
पशु चिकित्सालय में डॉक्टर और सर्पमित्र की टीम ने सावधानीपूर्वक कोबरा का इलाज किया:
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प्राथमिक उपचार: सबसे पहले घायल नागराज को एंटीबायोटिक का इंजेक्शन दिया गया।
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सर्जरी: इसके बाद डॉक्टर ने बहुत ही बारीकी और संभालकर कोबरा की सर्जरी की।
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टांके: फटे हुए फन पर, मुंह के पास पाँच टांके लगाए गए।
इलाज के बाद सांप सुरक्षित
सर्पमित्र कल्लू लोधी ने बताया कि अगर समय पर कोबरा का इलाज नहीं कराया जाता, तो घाव के कारण उसकी मौत तय थी।
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वर्तमान स्थिति: सफल सर्जरी और इलाज के बाद सांप की हालत अब खतरे से बाहर है।
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रिहाई: स्वस्थ होने के बाद कोबरा सांप को एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया है।
डॉक्टर गोविंद सराठे ने भी बताया कि यह उनके लिए एक अलग अनुभव था और सांप के स्वस्थ होने पर उन्हें भी अच्छा महसूस हो रहा है।









