ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर में आयोजित ‘ग्रोध समिट’ और ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की कार्यशैली की जमकर सराहना की। अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से बाहर निकाला, वहीं अब मोहन यादव उनसे भी अधिक ऊर्जा के साथ मध्य प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
![]()
ग्वालियर को 2 लाख करोड़ की ‘महा-सौगात’
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (सुशासन दिवस) के अवसर पर आयोजित इस समिट में विकास की बड़ी आधारशिला रखी गई:
-
कुल निवेश: ग्वालियर क्षेत्र को लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं और निवेश योजनाओं की सौगात मिली।
-
लोकार्पण एवं भूमिपूजन: गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से ग्वालियर जिले के लिए 254.84 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया।
-
PWD प्रोजेक्ट्स: लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 361.90 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन और 288.61 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण संपन्न हुआ।
“शिवराज ने रास्ता बनाया, मोहन भर रहे उड़ान”
अमित शाह ने मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव की जमकर पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा:
“मध्य प्रदेश पहले एक बीमारू राज्य था। शिवराज सिंह चौहान उसे उस श्रेणी से बाहर लाए और सबसे लंबे समय तक सेवा की। लेकिन अब मोहन यादव उनसे भी अधिक ऊर्जा के साथ काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश का चहुंमुखी और समावेशी विकास हो रहा है।”
गृह मंत्री ने विशेष रूप से रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की पहल की सराहना की, जिससे क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सुशासन
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष पुस्तिका का विमोचन किया गया, जो प्रदेश में निवेश अनुकूल वातावरण और नीतिगत बदलावों पर आधारित है। अमित शाह ने कहा कि 25 दिसंबर का दिन सुशासन का प्रतीक है, जहाँ अटल जी की विरासत और पीएम मोदी के नेतृत्व का समन्वय दिखता है।
आदिवासी कल्याण पर जोर
गृह मंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया था। उन्होंने विश्वास जताया कि मोहन यादव सरकार आदिवासियों के अधिकारों और उनके विकास को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र का संतुलित विकास करना है। ग्वालियर की यह ग्रोथ समिट न केवल इस अंचल, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने वाली साबित होगी।








