ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर की सड़कों पर उस समय हड़कंप मच गया जब महिला IPS अनु बेनीवाल खुद मोर्चा संभालते हुए वाहनों की चेकिंग करने उतरीं। इस दौरान एक युवक को अपनी रसूखदारी दिखाना भारी पड़ गया। लेडी अफसर ने न केवल उसकी गाड़ी में मौजूद गैर-कानूनी चीजों को जब्त किया, बल्कि उसके ‘वीआईपी’ घमंड को भी एक ही डायलॉग में चूर-चूर कर दिया।

बिना नंबर प्लेट की गाड़ी और अंदर ‘खतरनाक’ सामान
मेडिकल कॉलेज के पास चल रहे चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक ऐसी गाड़ी को रोका जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो IPS अनु बेनीवाल और उनकी टीम दंग रह गई:
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ब्लैक फिल्म: गाड़ी के कांच पर गहरे काले रंग की फिल्म लगी थी, जो पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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अवैध डंडा: गाड़ी के अंदर एक बड़ा डंडा रखा हुआ था, जिसका इस्तेमाल अक्सर डराने-धमकाने के लिए किया जाता है।
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बिना नंबर: गाड़ी पर नंबर प्लेट तक नहीं थी, जो बड़े अपराधों की ओर संकेत करता है।
“तुम्हारे फूफाजी चाहे राष्ट्रपति हों…”
जब पुलिस कार्रवाई करने लगी, तो युवक ने अपने रसूख का हवाला देना चाहा। इस पर IPS अनु बेनीवाल ने कड़क अंदाज में कहा:
“तुम्हारे फूफाजी चाहे राष्ट्रपति ही क्यों न हों… कानून सबके लिए बराबर है। चालान तो होकर रहेगा और गाड़ी में रखी ये चीजें भी जब्त होंगी।”
महिला अफसर की यह सख्त टिप्पणी सुनकर युवक की बोलती बंद हो गई और वहां मौजूद लोग दंग रह गए।
सड़क सुरक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस
IPS अनु बेनीवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि ऐसी चेकिंग का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि अपराधियों के मन में खौफ पैदा करना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि गाड़ियों में हथियार, डंडे या ब्लैक फिल्म लगाकर चलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर हो रही ‘अनु बेनीवाल’ की तारीफ
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग IPS अनु बेनीवाल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। ग्वालियर पुलिस का यह कड़ा संदेश उन लोगों के लिए है जो अक्सर राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।








