भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल दौड़ने के लिए लगभग तैयार है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने 6.22 किलोमीटर लंबे ‘ऑरेंज लाइन प्रायोरिटी कॉरिडोर’ को हरी झंडी (NOC) दे दी है। भले ही मेट्रो चलाने के लिए मंथन शुरू हो गया है, लेकिन कई मेट्रो स्टेशनों पर सुविधाओं की कमी, खासकर वाहन पार्किंग की समस्या, यात्रियों की यात्रा को मुश्किल बना सकती है।
मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग सुविधा की बड़ी कमी
ऑरेंज लाइन कॉरिडोर (सुभाष नगर से एम्स तक) पर सबसे बड़ी कमी यह है कि कई स्टेशनों पर यात्रियों के लिए वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
-
सुविधा का अभाव: इन स्टेशनों पर यात्री केवल ‘पिक एंड ड्रॉप’ ही कर पाएंगे, यानी वे अपनी निजी गाड़ी पार्क नहीं कर सकेंगे।
-
कारण: सूत्रों के अनुसार, मेट्रो कॉर्पोरेशन स्टेशन के नीचे आउटलेट्स (दुकानें) बनाने की योजना बना रहा है, जिससे पार्किंग के लिए जगह नहीं बचेगी।
-
यात्रियों को परेशानी: यह कमी उन यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी करेगी जो अपने निजी वाहनों से स्टेशन तक पहुंचेंगे। हालांकि, मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि वे पार्किंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश कर रहे हैं।
इन 8 स्टेशनों पर नहीं होगी पार्किंग
प्रायोरिटी कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशनों पर फिलहाल पार्किंग की व्यवस्था नहीं है:
-
सुभाष नगर
-
केंद्रीय स्कूल
-
डीबी मॉल
-
एमपी नगर
-
रानी कमलापति
-
डीआरएम तिराहा
-
अलकापुरी
-
एम्स
लॉन्च की तारीख अभी अनिश्चित
-
वर्तमान स्थिति: सीएमआरएस की NOC मिल गई है और रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच चुकी है, जहां अब लॉन्च की तारीख तय की जाएगी।
-
संभावना: हालांकि, 13 दिसंबर को ट्रेन की शुरुआत होने की संभावना कम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल या भोपाल आकर मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं।








