छिंदवाड़ा। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बाजार से लिए गए आइसक्रीम के नमूनों की लैब रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की जांच में नामी कंपनियों की आइसक्रीम गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। बच्चों के पसंदीदा मैंगो और बटर स्कॉच जैसे फ्लेवर अमानक पाए जाने से उपभोक्ताओं में हड़कंप है।

कौन-कौन से फ्लेवर पाए गए अमानक?
जांच रिपोर्ट के अनुसार, शहर के मुख्य वितरकों के यहाँ से लिए गए नमूनों में निम्नलिखित फ्लेवर फेल हुए हैं:
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टॉप एन्ड टाउन (Top ‘N Town): मैंगो, बटर स्कॉच और वनीला।
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हेवमोर (Havmor): अल्फोंसो मैंगो।
कहाँ से लिए गए थे सैंपल?
खाद्य सुरक्षा अधिकारी गोपेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने इन वितरण केंद्रों पर दबिश दी थी:
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जान्हवी फूड्स (सिवनी रोड): यहाँ से टॉप एन्ड टाउन के सैंपल लिए गए थे।
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सरकार डिस्ट्रीब्यूटर्स: यहाँ से हेवमोर ब्रांड के नमूने संकलित किए गए थे।
विभाग की कार्रवाई: कंपनियों को नोटिस जारी
सैंपल फेल होने के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है:
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धारा 46(4): फूड सेफ्टी एक्ट 2006 की इस धारा के तहत वितरकों और निर्माणकर्ता कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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पुनः परीक्षण का अधिकार: कंपनियों को यह मौका दिया गया है कि वे सुरक्षित रखे गए दूसरे नमूने को केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला में फिर से जांच के लिए भेज सकें।
दोष सिद्ध होने पर होगी जेल या जुर्माना
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता या पुन: परीक्षण में भी नमूने फेल होते हैं, तो मामला खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सीधे न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसमें भारी जुर्माने और सजा का प्रावधान है।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि
अधिकारियों का कहना है कि आइसक्रीम का सेवन सबसे ज्यादा बच्चे करते हैं, इसलिए गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिले भर में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और दूध, मावा, पनीर व कोल्ड ड्रिंक्स के सैंपल भी लिए जा रहे हैं।
प्रमुख बिंदु
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फेल ब्रांड: टॉप एंड टाउन और हेवमोर।
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अमानक फ्लेवर: मैंगो, बटर स्कॉच, वनीला और अल्फोंसो मैंगो।
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जांच केंद्र: राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला।
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अगला कदम: नोटिस अवधि के बाद कोर्ट में प्रकरण।








