बुरहानपुर: लोगों से लाखों की ठगी करने वाले ‘नकली पुलिस’ गिरोह का पाला शनिवार को बुरहानपुर यातायात थाने के असली पुलिस आरक्षक आशीष तोमर से पड़ गया। ठग ने आरक्षक को फोन कर उनके बेटे को रेप केस में फंसाने की धमकी दी और पैसे मांगे। आरक्षक ने ठग की बातचीत को पास मौजूद राहगीरों को सुनाकर उन्हें धोखाधड़ी के प्रति जागरूक किया।
ठग का ‘रेप केस’ ट्रैप
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पीड़ित: आरक्षक आशीष तोमर (यातायात थाना)।
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तरीका: आरक्षक जब शनिवार को वाहनों की जांच कर रहे थे, तभी उनके व्हाट्सएप पर ठग का फोन आया।
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धमकी: ठग ने खुद को पुणे, महाराष्ट्र का पुलिस अधिकारी बताते हुए आरक्षक से कहा कि उनका बेटा रेप के केस में फंस गया है।
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फिरौती की मांग: बेटे को बचाने के लिए ठग ने ₹1 लाख 70 हजार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर बेटे को जेल भेजने की धमकी दी।
आरक्षक की जागरूकता पहल
आरक्षक आशीष तोमर को बातचीत शुरू होते ही आभास हो गया था कि यह एक फ्रॉड कॉल है। उन्होंने ठग से पूरी बात की, और बातचीत पूरी होने के बाद खुलासा किया:
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खुलासा: आरक्षक आशीष ने ठग को बताया कि उनका बेटा केवल तीन साल का है।
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जागरूकता: उन्होंने जांच के लिए रोके गए वाहन चालक और उसमें सवार अन्य लोगों को भी ठग की पूरी बातचीत सुनाई।
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संदेश: आरक्षक ने लोगों को बताया कि इस तरह ठग ऑनलाइन धोखाधड़ी करते हैं और ऐसे फर्जी कॉल से सावधान रहने की आवश्यकता है।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने आरक्षक की इस पहल की प्रशंसा की है और नागरिकों को ऐसे ठगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।
पुलिस की ओर से सतर्कता संदेश
पुलिस ने नागरिकों से धोखाधड़ी से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाने का आग्रह किया है:
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संदिग्ध क्लिक से बचें: किसी भी संदिग्ध ईमेल, लिंक, या एपीके फाइल को क्लिक न करें।
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गोपनीयता: अपनी बैंकिंग जानकारी किसी और के साथ साझा न करें।
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शिकायत: धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।









