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मानवता की मिसाल: सतना में 79 साल का इंतज़ार खत्म, समाजसेवी गुलाब शुक्ला ने अपनी कमाई से बनवा दी 2 KM लंबी सड़क

सतना। जहां एक तरफ देश बुलेट ट्रेन और एक्सप्रेसवे के दौर में है, वहीं सतना जिले के दो गांव आजादी के सात ...

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| सतना टाइम्स

सतना। जहां एक तरफ देश बुलेट ट्रेन और एक्सप्रेसवे के दौर में है, वहीं सतना जिले के दो गांव आजादी के सात दशक बाद भी एक अदद सड़क के लिए तरस रहे थे। पटना और कौड़िहाई गांव के ग्रामीणों की इस पीड़ा को देख समाजसेवी और उद्योगपति श्री गुलाब शुक्ला का दिल पसीज गया। उन्होंने किसी सरकारी बजट या योजना का इंतज़ार करने के बजाय अपनी निजी कमाई से सड़क बनवाकर दोनों गांवों को जोड़ दिया।

सिस्टम के लिए सबक: जब सरकारें सोती रहीं, तो एक व्यक्ति ने उठाई जिम्मेदारी

पटना और कौड़िहाई गांव के लिए सोमवार का दिन किसी उत्सव से कम नहीं था। करीब 2 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण उस व्यवस्था के लिए बड़ा संदेश है, जो वर्षों तक किसानों और ग्रामीणों की जायज मांग को अनसुना करती रही। ग्रामीणों के अनुसार:

  • बरसात के दिनों में खेतों तक जाना जान जोखिम में डालने जैसा था।

  • घुटनों तक पानी और सांप-बिच्छू के डर के बीच ग्रामीण सफर करने को मजबूर थे।

  • कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

विरोध के बावजूद संकल्प से मिली सफलता

जब गुलाब शुक्ला ने सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया, तो शुरुआत में उन्हें कुछ लोगों के विरोध और अविश्वास का सामना भी करना पड़ा। लेकिन उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मिट्टी-रेत और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ इस मार्ग को तैयार कराया, जो अब किसानों की गरिमा और आत्मसम्मान का प्रतीक बन चुका है।

हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ भव्य लोकार्पण

सड़क का लोकार्पण पटना गांव के देवी जी मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह हजारों ग्रामीण बने।

  • सम्मान समारोह: लोकार्पण के दौरान श्री गुलाब शुक्ला ने गांव के वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकार साथियों का सम्मान भी किया।

  • भावना का मार्ग: ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यह सिर्फ एक रास्ता नहीं है, बल्कि हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद है।

‘मेक इन इंडिया’ की असली परिभाषा

यह प्रयास बताता है कि ‘सुशासन’ और ‘विकास’ केवल सरकारी भाषणों तक सीमित नहीं होने चाहिए। गुलाब शुक्ला ने साबित किया कि यदि नीयत साफ हो, तो एक अकेला व्यक्ति भी समाज की तस्वीर बदल सकता है। यह सड़क अब पटना-कौड़िहाई के किसानों के लिए विकास की नई राह बन गई है

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें