
क्या है पूरा मामला?
- ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की उपस्थिति में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-अटेंडेंस प्रणाली को अनिवार्य किया गया है।
- लापरवाही का खुलासा: संयुक्त संचालक नीरव दीक्षित ने बताया कि भोपाल से सीधे उन शिक्षकों और प्राचार्यों की सूची भेजी गई थी, जिन्होंने ई-अटेंडेंस प्रणाली का उपयोग नहीं किया था।
- DEO सहित 36 पर कार्रवाई: इसी सूची के आधार पर रीवा जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) समेत कुल 36 अधिकारियों/प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है।
7 दिन में मांगा जवाब, न देने पर वेतन वृद्धि रुकेगी
- जवाबदेही तय: संयुक्त संचालक ने सभी संबंधित अधिकारियों और प्राचार्यों से सात दिन के भीतर इस लापरवाही पर अपना स्पष्टीकरण मांगा है।
- सख्त चेतावनी: नीरव दीक्षित ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन सभी लापरवाह अधिकारियों की एक वर्ष की वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी।
यह सख्त कदम शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता और जवाबदेही की कमी को दूर करने की दिशा में उठाया गया है। ई-अटेंडेंस जैसी महत्वपूर्ण प्रणाली को नजरअंदाज करना न केवल सरकारी निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि स्कूलों में उपस्थिति और कार्यप्रणाली की निगरानी को भी बाधित करता है, जिस पर अब प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।







