जबलपुर (मध्य प्रदेश): साइबर अपराध की दुनिया में जालसाजों ने एक खतरनाक नया रास्ता खोज लिया है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक चौंकाने वाला फ्रॉड सामने आया है, जहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के प्रयास में एक व्यक्ति को लाख रुपये से अधिक की चपत लगी है। जालसाजों ने
रुपये के मामूली ऑनलाइन भुगतान के बहाने एक APK (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइल भेजी, जिसे क्लिक करते ही व्यक्ति का मोबाइल और बैंक खाता हैक हो गया।

न्यूरो सर्जन का नंबर सर्च करना पड़ा भारी
यह घटना जबलपुर के गंजीपुरा इलाके के जनरल स्टोर संचालक सुधीर नायक के साथ हुई। वह अपनी पत्नी के इलाज के लिए अक्टूबर को एक न्यूरो सर्जन का नंबर ऑनलाइन सर्च कर रहे थे। सर्च किए गए नंबर पर कॉल करने पर, जालसाजों ने खुद को डॉक्टर का असिस्टेंट बताया।अपॉइंटमेंट फिक्स करने के नाम पर, उन्होंने सुधीर नायक को सिर्फ
रुपये जमा करने के लिए एक ऑनलाइन लिंक और एक APK फाइल भेजी।
APK फाइल:
रुपये के क्लिक ने खाली किया खाता
सुधीर नायक ने जैसे ही रुपये का भुगतान करने के लिए इस लिंक और APK फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन और बैंक खाता पूरी तरह हैक हो गया।अगले ही दिन,
अक्टूबर को, उनके खाते से कई बार में कुल
रुपये निकाल लिए गए।
अक्टूबर को भी सांकेतिक तौर पर
रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया, जिससे साफ होता है कि हैकर्स खाते पर नजर बनाए हुए थे।
साइबर फ्रॉड का नया और खतरनाक ट्रेंड
साइबर पुलिस के अनुसार, जालसाज अब लोगों को ठगने के लिए APK फाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई अधिकारी या बैंक कर्मचारी बताते थे, लेकिन अब वे डॉक्टर या उनके सहायक बनकर निशाना साध रहे हैं।साइबर पुलिस इंस्पेक्टर नीरज नेगी ने बताया, “जागरूक लोग अक्सर अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचते हैं, इसलिए अब जालसाज ट्रैफिक चालान या डॉक्टर की अपॉइंटमेंट जैसे बहाने से APK फाइल भेज रहे हैं। एक बार क्लिक करते ही, यह फाइल यूजर के मोबाइल और सीधे बैंक खाते को हैक कर लेती है।”पीड़ित सुधीर नायक ने अक्टूबर को साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस की चेतावनी: अनजान APK फाइल से बचें
साइबर पुलिस ने आम जनता को सख्त आगाह किया है कि:
- किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल पर कभी भी क्लिक न करें।
- ऑनलाइन अपॉइंटमेंट या भुगतान केवल विश्वसनीय और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें।
- यदि खाते से कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन होता है, तो तुरंत अपने बैंक और साइबर पुलिस को सूचित करें।
जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे जनता को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।








