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DHAR ROBBERY: धार में ‘स्पेशल-26’ स्टाइल डकैती; फर्जी IT अफसर बनकर घुसे बदमाश, कारोबारी को कमरे में बंद कर 82 लाख लूटे

मध्य प्रदेश के धार जिले में फिल्मी पर्दे की कहानी हकीकत में बदल गई। शुक्रवार सुबह ‘स्पेशल-26’ फिल्म की तर्ज पर बदमाशों ...

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| सतना टाइम्स

मध्य प्रदेश के धार जिले में फिल्मी पर्दे की कहानी हकीकत में बदल गई। शुक्रवार सुबह ‘स्पेशल-26’ फिल्म की तर्ज पर बदमाशों ने एक बड़े कारोबारी के घर पर नकली इनकम टैक्स रेड डाली और महज 15 मिनट के भीतर करीब 82 लाख रुपये की संपत्ति लूटकर रफूचक्कर हो गए। धार जिले के बाग कस्बे के ब्राह्मण मोहल्ले में हुई इस वारदात ने पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। लुटेरों ने इतनी सफाई से काम किया कि पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी।

वारदात का फिल्मी तरीका 

  • काली स्कॉर्पियो से एंट्री: सुबह करीब 10 बजे बिना नंबर की एक काली स्कॉर्पियो ठेकेदार राजकुमार मालवीय के घर के सामने रुकी।

  • रौबदार अंदाज: गाड़ी से 5 लोग उतरे, जिनमें से दो पुलिस की वर्दी में थे। उन्होंने खुद को आयकर विभाग (Income Tax) का अधिकारी बताया और कहा कि घर में ‘ब्लैक मनी’ होने की सूचना है।

  • तलाशी का नाटक: असली अधिकारी समझकर राजकुमार ने अलमारी की चाबियां सौंप दीं। बदमाशों ने जब्ती के नाम पर सारा कीमती सामान समेटा और कार में रख लिया।

क्या-क्या ले गए लुटेरे?

बदमाशों ने कारोबारी के घर से कुल 82 लाख रुपये की लूट की:

  • सोना: करीब 50 तोला (500 ग्राम) ज्वेलरी।

  • नकद: 4 लाख रुपये कैश।

  • अन्य: 3 मोबाइल फोन (जाते समय एक मोबाइल कचरे के ढेर में फेंक दिया)।

कमरे में किया बंद और बाहर से लगाया ताला

वारदात के बाद बदमाशों ने कारोबारी राजकुमार और उनकी पत्नी को एक कमरे में बंद कर दिया और घर के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए। जब पीड़ितों ने शोर मचाया, तब पड़ोसियों ने आकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर ताला तोड़ा और उन्हें बाहर निकाला।

पुलिस की कार्रवाई और नाकेबंदी

धार एसपी मयंक अवस्थी के निर्देश पर पुलिस हाई अलर्ट पर है:

  • नाकेबंदी: जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है और पड़ोसी जिलों (झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी और इंदौर) को भी सूचना दी गई है।

  • CCTV फुटेज: पुलिस बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो की तलाश के लिए शहर के तमाम सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है।

  • साइबर सेल: कचरे के ढेर से मिले मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश जारी है।

निष्कर्ष: रेकी की प्रबल आशंका

पुलिस का मानना है कि लुटेरों ने वारदात से कई दिन पहले इलाके की रेकी की थी। उन्हें पता था कि कारोबारी के पास कब और कितना कैश या गोल्ड उपलब्ध रहता है। वर्दी और फर्जी आईडी का उपयोग यह दर्शाता है कि यह एक पेशेवर गिरोह है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें