सतना, मध्य प्रदेश(ब्यूरो रिपोर्ट)। जिस नगर निगम क्षेत्र में स्वयं राज्य मंत्री का निवास है और जिसके प्रभारी मंत्री प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री हैं, उसी सतना नगर निगम में तकनीकी और प्रशासनिक कर्मचारियों के आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। स्वीकृत पदों पर कर्मचारियों की भारी कमी के चलते स्मार्ट सिटी और दैनिक नगर विकास के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

खाली पदों की दयनीय स्थिति
सतना को स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त है और यहां महापौर भी भाजपा से हैं। इसके बावजूद निगम की स्थिति बेहद चिंतनीय है। हद तो यह है कि तबादलों से लोगों को यहां लाने के बजाय, नगर निगम से ही तबादले कर रिक्त पदों की संख्या को और बढ़ा दिया गया है।
- तकनीकी अमला बेहाल: तकनीकी अमले के मुखिया अधीक्षण यंत्री का पद खाली है। कार्यपालन यंत्री और सहायक यंत्री के 80% से ज्यादा पद रिक्त हैं।
- प्रशासनिक पद भी खाली: सहायक आयुक्त, कार्यालय अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद पूरी तरह से खाली पड़े हैं। राजस्व अधिकारी भी निगम के पास नहीं हैं, और उपायुक्त के पद भी 50% खाली हैं।
यह स्थिति तब है जब यह नगर निगम नगरीय विकास और आवास विभाग के अंतर्गत आता है, जिसके कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (जिले के प्रभारी मंत्री भी) हैं और राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी स्वयं सतना की निवासी हैं।
मंत्री-महापौर ने जताई चिंता, सीएम से करेंगे अनुरोध
कर्मचारियों की कमी से निर्माण कार्यों पर पड़ रहे प्रभाव को स्वीकारते हुए, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा है कि उन्होंने सभी संबंधितों को अवगत करवाया है और पत्राचार भी किया है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री से फिर अनुरोध किया जाएगा।”
प्रभारी मंत्री को पत्र लिखने की कही बात
महापौर योगेश ताम्रकार ने भी शासन और प्रभारी मंत्री को पत्र लिखने की बात कही है। उन्होंने माना कि अधिकारियों की कमी का असर तो होता है, लेकिन इसके बावजूद काम तेजी से किए जा रहे हैं।निगमायुक्त शेर सिंह मीना ने भी स्वीकार किया कि अधिकारियों की कमी से कामकाज पर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शासन को कई बार पत्राचार किया गया है और रिक्त पदों के विरुद्ध डिमांड भी भेजी गई है।
कांग्रेस ने साधा निशाना
इस दयनीय स्थिति पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। सतना विधायक एवं जिलाध्यक्ष कांग्रेस सिद्धार्थ कुशवाहा ने तंज कसते हुए कहा, “सारे पद भर जाएंगे तो पद पर बने रहने के लिए कमीशन कौन देगा? इन्हें जनता का भय नहीं है, अन्यथा क्या मजाल कि जिस विभाग का मंत्री सतना का प्रभारी मंत्री हो वहां इतनी दयनीय स्थिति हो।”कर्मचारियों की इस भारी कमी के चलते, सतना में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और आम जनता से जुड़े बुनियादी नागरिक कार्यों की गति धीमी पड़ गई है।








