भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक नए और गंभीर विवाद में घिर गए हैं। उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने आदिवासियों को जंगल क्षेत्र में अवैध रूप से अतिक्रमण करने के लिए उकसाया। इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव को एफआईआर दर्ज करने की शिकायत दी गई है, जिसके बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद सिवनी अभयारण्य से जुड़ा है। कुछ महीने पहले, सिवनी अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रूप से घर बनाकर रह रहे 50 से अधिक आदिवासी परिवारों के मकानों को तोड़ दिया गया था।
इस कार्रवाई के बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन परिवारों से मिलने पहुंचे थे। यह मुद्दा राजनीतिक रूप से काफी गर्माया था और बाद में कुछ संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई थी।

FIR दर्ज करने की उठी मांग
अब इसी घटना के संदर्भ में, सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष आजाद सिंह डबास ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक लिखित शिकायत भेजी है।
डबास ने अपनी शिकायत में कहा है कि बुधनी विधानसभा क्षेत्र के आदिवासियों को जंगल में अतिक्रमण करने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने ही प्रोत्साहित किया था। इसी आधार पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ वन कानूनों के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
उच्च स्तर पर पहुंची जांच
शिकायत मिलने के बाद, पीसीसीएफ (मुख्य वन बल प्रमुख) कार्यालय ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
- शुरुआत में जांच सीहोर डीएफओ को सौंपी गई थी।
- डीएफओ ने यह जांच बुधनी एसडीएफओ सुकृति ओसवाल को सौंप दी।
- एसडीएफओ ओसवाल ने अब अपनी रिपोर्ट सीनियर अधिकारियों को भेज दी है।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि मामला केंद्रीय मंत्री से जुड़ा होने के कारण, इसकी जांच अब केवल उच्च स्तर के अधिकारी ही कर सकते हैं।
मामला अब वन विभाग में उच्चाधिकारियों के पास पहुंच गया है, और इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले पर आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।








