छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा-नागपुर मार्ग पर गुरुवार शाम एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम से लौट रही एक यात्री बस और तेज रफ्तार लहसुन से भरी पिकअप के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क पर ही पलट गई। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हैं।

न्यूज़ हेडलाइंस
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भीषण टक्कर: ओवरटेक की कोशिश में आमने-सामने भिड़े बस और पिकअप; 10 ने मौके पर तोड़ा दम।
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दिल दहला देने वाला मंजर: हादसे में एक बच्चे और एक महिला का हाथ कटकर शरीर से अलग हुआ।
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एक ही गांव में मातम: बस में सवार सभी 47 यात्री मोहखेड़ ब्लॉक की करेर पंचायत के निवासी थे।
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इमरजेंसी रिस्पॉन्स: 5 घायलों की हालत बेहद नाजुक; एक को नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
शाम 7 बजे मची चीख-पुकार: कैसे हुआ हादसा?
हादसा छिंदवाड़ा-नागपुर हाईवे पर शाम करीब 7 बजे हुआ।
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लापरवाही और रफ्तार: शुरुआती जांच के अनुसार, दोनों वाहन अत्यधिक तेज गति में थे।
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ओवरटेक का घातक प्रयास: कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने बताया कि पिकअप में लहसुन लदा हुआ था। प्राथमिक तौर पर ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान यह भीषण भिड़ंत हुई।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: टक्कर के बाद बस में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए स्थानीय लोगों और पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
हादसे की भयावहता: “देखते ही दहल गई रूह”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक्सीडेंट इतना जबरदस्त था कि मौके पर केवल चीखें सुनाई दे रही थीं।
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अंग-भंग: मलबे में दबे यात्रियों में से एक बच्चे और एक महिला का हाथ कटकर अलग हो गया था, जिसे देख बचाव दल के सदस्य भी सहम गए।
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गंभीर चोटें: अधिकांश मृतकों और घायलों के सिर पर गहरी चोटें आई हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और उपचार
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया:
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घायलों का हाल: वर्तमान में अधिकांश घायलों का इलाज छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में चल रहा है।
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रेफरल: गंभीर रूप से घायल 5 लोगों में से एक को बेहतर इलाज के लिए तुरंत नागपुर भेजा गया है।
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जांच के आदेश: पुलिस ने दोनों वाहनों की स्थिति और ड्राइवरों की लापरवाही को लेकर मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
एक ही पंचायत के थे सभी यात्री
मोहखेड़ ब्लॉक की करेर पंचायत के लिए यह काली रात साबित हुई। बस में सवार सभी लोग एक साथ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, लेकिन लौटते समय नियति ने उन्हें इस भीषण हादसे का शिकार बना दिया। गांव में खबर पहुँचते ही सन्नाटा पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।








