दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में अवैध शराब तस्करी का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। तस्करों ने पुलिस चेकिंग से बचने के लिए सफेद रंग की स्कॉर्पियो पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का झंडा लगा रखा था, ताकि सत्ताधारी दल का रसूख दिखाकर बेखौफ तरीके से शराब की खेप पहुँचाई जा सके। हालांकि, पंडोखर पुलिस की सतर्कता ने तस्करों के इस ‘सियासी कवच’ को फेल कर दिया।

न्यूज़ हेडलाइंस
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रसूख की आड़ में तस्करी: स्कॉर्पियो पर लगा था बीजेपी का झंडा; पुलिस को चकमा देने की थी साजिश।
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फिल्मी स्टाइल में पीछा: सालोन तिराहा पर नाकाबंदी तोड़कर भागा चालक; पुलिस ने कई किलोमीटर तक किया पीछा।
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बड़ी बरामदगी: वाहन की तलाशी में मिली 58 पेटियां देसी प्लेन शराब; कुल 8.32 लाख का मशरूका जब्त।
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फरार तस्कर: अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों में भागा ड्राइवर; पुलिस गाड़ी मालिक के ‘बीजेपी कनेक्शन’ की कर रही जांच।
आधी रात को ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामा: कैसे पकड़ में आई गाड़ी?
26-27 मार्च की दरमियानी रात पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि दबोह की ओर से एक सफेद स्कॉर्पियो में शराब की बड़ी खेप आ रही है।
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नाकाबंदी: पुलिस ने सालोन तिराहा पर जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध स्कॉर्पियो दिखी, उसे रुकने का इशारा किया गया।
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फरार चालक: चालक ने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और नाकाबंदी तोड़कर भाग निकला। पुलिस ने तुरंत पीछा शुरू किया।
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लावारिस वाहन: बरका तिराहा और हसनपुर रोड के पास जब पुलिस करीब पहुँचने वाली थी, तो चालक ने गाड़ी खड़ी की और अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भाग गया।
तलाशी में खुली ‘झंडे’ के पीछे की हकीकत
जब पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाशी ली, तो दंग रह गई। ड्राइवर सीट के पीछे भारी मात्रा में देसी शराब की पेटियां ठूंस-ठूंस कर भरी गई थीं।
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कुल जब्ती: पुलिस ने 58 पेटियां शराब और स्कॉर्पियो वाहन सहित कुल 8 लाख 32 हजार रुपये का माल जब्त किया है।
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पंजीकरण और कनेक्शन: पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह लग्जरी गाड़ी किसके नाम पर रजिस्टर्ड है और क्या वाकई गाड़ी मालिक का बीजेपी से कोई संबंध है या केवल पुलिस को डराने के लिए झंडे का इस्तेमाल किया गया था।
आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज
पंडोखर थाना पुलिस ने फरार चालक के खिलाफ आबकारी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। शुक्रवार दोपहर इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों और नंबर प्लेट की मदद ली जा रही है।








