दमोह (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के दमोह में चुनावी मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य में लगे एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) सीताराम गौड़ की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से आकस्मिक मृत्यु हो गई। यह घटना शुक्रवार को जबलपुर में हुई, जब इलाज के लिए उन्हें दमोह से रेफर किया गया था। आरोप है कि मृतक बीएलओ कार्य के अत्यधिक दबाव में थे।
13% काम पूरा होने से था तनाव
दमोह विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रंजरा में शिक्षक और बीएलओ के रूप में कार्यरत सीताराम गौड़ (50 वर्ष) पठारी बांदकपुर के रहने वाले थे।
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घटना: गुरुवार शाम को ड्यूटी के दौरान ही उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई।
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इलाज: उन्हें पहले दमोह के जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार को जबलपुर में इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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दबाव: जिला शिक्षा अधिकारी एस के नेमा के अनुसार, सीताराम गौड़ की ड्यूटी ग्राम रजरा और कूड़ा कुड़न गांव में लगी थी, जहां कुल 1319 मतदाता थे। अभी तक उनका केवल 13% काम ही पूरा हो पाया था, जिसके कारण वे भारी दबाव महसूस कर रहे थे।
निर्वाचन कार्य के दौरान दूसरी घटना
यह दमोह जिले में निर्वाचन कार्य के तनाव और दबाव के कारण हुई पहली घटना नहीं है। इससे पहले, जबेरा विधानसभा क्षेत्र के तेंदूखेड़ा स्थित सिमरिया स्कूल में पदस्थ शिक्षक और बीएलओ श्याम सुंदर शर्मा की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
उस समय भी उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि एसआईआर कार्य के चलते वे काफी दबाव में थे और उन्हें निलंबित करने की धमकी दी जा रही थी, जिस तनाव के कारण यह हादसा हुआ था।
सीताराम गौड़ के शव को उनके पैतृक गांव पठारी दमोह लाया गया, जहां शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर चुनावी ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों पर काम के अत्यधिक दबाव और तनाव के मुद्दे को उजागर कर दिया है I








