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ग्वालियर से नाइजीरिया तक ‘साइबर लूट’: MP ऑनलाइन सेंटर की आड़ में चल रहा था ग्लोबल रैकेट; क्रिप्टो के जरिए भेजते थे करोड़ों, 7 गिरफ्तार

ग्वालियर (मध्य प्रदेश):ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक सनसनीखेज अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गैंग मध्य प्रदेश और राजस्थान ...

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| सतना टाइम्स

ग्वालियर (मध्य प्रदेश):ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक सनसनीखेज अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गैंग मध्य प्रदेश और राजस्थान के रास्ते साइबर ठगी का जाल बुनकर, लूटी गई रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलता था और फिर उसे सीधे नाइजीरिया भेज देता था। पुलिस ने गैंग के संचालक नरेंद्र सिकरवार समेत 7 आरोपियों को दबोचा है।

साइबर ठग ऐसे कर रहे ठगी.

शिवपुरी का ‘सोनू जाटव’ है मास्टरमाइंड

जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क की कमान शिवपुरी निवासी सोनू जाटव के हाथों में थी। वह इस गिरोह का मास्टरमाइंड है जो ‘म्यूल बैंक अकाउंट्स’ (Mule Accounts) का इंतजाम करता था।

  • तरीका: सोनू गरीब और मासूम लोगों को चंद रुपयों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था।

  • लेनदेन: ठगी की सारी रकम इन्हीं खातों में मंगवाई जाती थी ताकि पुलिस असली आरोपियों तक न पहुंच सके।

MP ऑनलाइन सेंटर: ठगी का सुरक्षित अड्डा

आरोपी ग्वालियर में एक MP ऑनलाइन सेंटर’ संचालित करते थे। इस सरकारी मान्यता प्राप्त केंद्र की आड़ में अवैध गतिविधियां इसलिए की जाती थीं ताकि स्थानीय लोगों और पुलिस को उन पर बिल्कुल शक न हो। इसी सेंटर से फर्जी कॉल और ऑनलाइन स्कैम के जरिए लोगों को शिकार बनाया जाता था।

क्रिप्टो करेंसी और विदेशी कनेक्शन

पुलिस ने खुलासा किया है कि भारत में की गई ठगी का पैसा सीधे बैंक से नहीं निकाला जाता था। पकड़े जाने के डर से आरोपी इस रकम को तुरंत क्रिप्टो करेंसी (क्रिप्टो वॉलेट) में ट्रांसफर करते थे और वहां से इसे नाइजीरिया भेज दिया जाता था। यह पहली बार है जब ग्वालियर में नाइजीरियाई कनेक्शन वाला इतना बड़ा साइबर सिंडिकेट पकड़ा गया है।

बरामदगी और फॉरेंसिक जांच

क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से अवैध संपत्तियों का जखीरा बरामद किया है:

  • 84 एटीएम कार्ड: विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड, जो म्यूल अकाउंट्स से जुड़े थे।

  • 9 मोबाइल फोन: जिनमें क्रिप्टो वॉलेट और विदेशी ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं।

    पुलिस अब इन मोबाइलों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि यह पता चल सके कि गिरोह में और कौन से विदेशी सदस्य शामिल हैं और अब तक कुल कितने करोड़ की चपत लगाई गई है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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