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खतरनाक हो सकता है गाय का ‘पहला दूध’! ‘तेली’ खाने से गंभीर फूड प्वाइजनिंग, 5 लोग अस्पताल में भर्ती

सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक ही परिवार के पाँच सदस्य गंभीर ...

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| सतना टाइम्स

सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक ही परिवार के पाँच सदस्य गंभीर फूड प्वाइजनिंग की चपेट में आ गए। इन सभी ने हाल ही में ब्याही गाय के पहले दिन के दूध, जिसे स्थानीय भाषा में ‘तेली’ या ‘खीस’ कहा जाता है, का सेवन किया था। गंभीर हालत में उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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‘तेली’ खाने से बिगड़ी तबीयत

  • घटनास्थल: लाम करही गांव, रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र, सतना।

  • कारण: ग्रामीण परंपरा के अनुसार, जितेंद्र द्विवेदी के परिवार ने गाय के प्रसव के बाद निकले पहले गाढ़े दूध (‘तेली’) को पकाकर सेवन किया था।

  • लक्षण: दूध पीने के कुछ ही देर बाद, परिवार के पाँचों सदस्यों को अचानक तेज उल्टी और दस्त होने लगे।

  • इलाज: उन्हें आनन-फानन में रामपुर बघेलान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण, सभी को देर शाम रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी गहन निगरानी कर रहे हैं।

डॉक्टरों की प्रारंभिक आशंका

प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने फूड प्वाइजनिंग की वजह गाय के ‘पहले दूध’ को ही बताया है:

  • उच्च प्रोटीन: प्रसव के बाद का यह पहला दूध (तेली) अत्यधिक गाढ़ा होता है और इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है।

  • पाचन में कठिनाई: डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि यदि इस दूध को पर्याप्त देर तक न उबाला जाए या पारंपरिक तरीके से ठीक से संसाधित (Processed) न किया जाए, तो यह पाचन तंत्र को खराब कर देता है, जिससे गंभीर फूड प्वाइजनिंग की स्थिति बन जाती है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें