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सीधी ग्राम जमुआ नं. 01 में सड़क निर्माण पर छिड़ा विवाद: प्रशासन ने थमाया नोटिस, भू-अर्जन की तैयारी तेज

सीधी (मझौली)। जिले के तहसील मड़वास अंतर्गत ग्राम पंचायत जमुआ नं. 01 में पिछले कई दशकों से चले आ रहे सार्वजनिक रास्ते ...

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| सतना टाइम्स

सीधी (मझौली)। जिले के तहसील मड़वास अंतर्गत ग्राम पंचायत जमुआ नं. 01 में पिछले कई दशकों से चले आ रहे सार्वजनिक रास्ते को लेकर विवाद गहरा गया है। वर्षों पुराने प्रचलित मार्ग पर कुछ स्थानीय भू-स्वामियों द्वारा कंटीली बाड़ी लगाकर रास्ता अवरुद्ध करने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम जमुआ के वार्ड क्रमांक 2 और 3 में रमाशंकर विश्वकर्मा के घर से केदार केवट के घर तक का मार्ग लगभग 80 वर्षों से आम जनता के उपयोग में है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए मात्र 30 फीट का हिस्सा शेष है, जिसे कुछ कृषकों द्वारा अपनी निजी भूमि बताकर रोक दिया गया है। पंचायत का कहना है कि इसके बदले किसानों को ‘भूमि के बदले भूमि’ देने का प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।

प्रशासनिक कार्रवाई: BNSS की धारा 152 के तहत आदेश

सरपंच श्रीमती सुनैना पनिका की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 152 के तहत रामकरण कुशवाहा और रामनिहोर विश्वकर्मा को नोटिस जारी किया है।

  • आदेश: 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक मार्ग से कंटीली बाड़ी और बाधा को स्वयं हटाना होगा।

  • सुनवाई: संबंधित पक्षों को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है कि क्यों न इस आदेश को स्थायी कर दिया जाए।

भू-अर्जन के लिए प्रस्ताव की तैयारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखण्ड अधिकारी (SDM) मझौली के निर्देश पर अब विवादित भूमि के भू-अर्जन (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग की टीम को एक सप्ताह के भीतर:

  1. मौके का स्थल पंचनामा तैयार करने।

  2. प्रभावित रकबे और भूमिस्वामियों की सूची बनाने।

  3. प्रस्तावित ट्रेस नक्शा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनहित में सड़क निर्माण आवश्यक

पंचायत सचिव और ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा 700 मीटर सड़क का निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन इस छोटे से टुकड़े पर विवाद के कारण पूरी सड़क का लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है। यदि भू-स्वामी आपसी सहमति से रास्ता नहीं देते हैं, तो शासन अनिवार्य भू-अर्जन कर सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण कराएगा।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें