श्योपुर (मध्य प्रदेश)। बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों के कारण श्योपुर के किसानों में गहरा संकट और नाराजगी है। इस गंभीर स्थिति के बीच, स्थानीय कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने किसानों के हक की लड़ाई को आर-पार की लड़ाई में बदल दिया है। 11 दिनों तक धरना देने के बाद अब विधायक जंडेल ने भूख हड़ताल (आमरण अनशन) शुरू कर दी है।
मुआवजा न मिलने तक जारी रहेगा अनशन
विधायक बाबू जंडेल ने श्योपुर में किसानों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन द्वारा नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाते हुए यह कड़ा कदम उठाया है।
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धरने से अनशन: 11 दिनों से जारी किसानों के धरने में शामिल होने के बाद, उन्होंने अब यह घोषणा की है कि जब तक किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
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प्रमुख मांगें: विधायक जंडेल की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
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फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा तुरंत दिया जाए।
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पीड़ित किसानों का बिजली बिल माफ किया जाए।
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किसानों के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन माफ किए जाएं।
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बीजेपी पर ‘बदले की राजनीति’ का आरोप
विधायक जंडेल ने श्योपुर के बीजेपी नेताओं पर किसानों के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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मुआवजे पर चुप्पी: उनका कहना है कि बीजेपी नेताओं ने स्वयं फसल नुकसान को 50 प्रतिशत माना, लेकिन सरकार से मुआवजा दिलाने के लिए कोई पहल नहीं की।
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राजनीति का आरोप: जंडेल का दावा है कि दो चुनावों में लगातार हार मिलने के कारण बीजेपी नेता किसान मुद्दों पर ‘बदले की राजनीति’ कर रहे हैं।
विधायक बाबू जंडेल ने बीजेपी नेताओं से अपील की है कि किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर सियासत न करें और मुआवजा दिलाने में सहयोग करें। उन्होंने साफ कहा है कि यह लड़ाई किसानों के हक की है और वे इसे अंत तक लड़ेंगे, जब तक सरकार किसानों के पक्ष में फैसला नहीं करती।








