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Cheetah Project: जून में नौरादेही आएंगे 4 विदेशी चीते; ‘सोलर फेंसिंग’ से मिलेगी सुरक्षा, देश में पहली बार साथ दिखेंगे बाघ-तेंदुआ और चीता

भारत में ‘चीता प्रोजेक्ट’ (Cheetah Project India) अपने तीसरे और सबसे रोमांचक चरण में प्रवेश कर रहा है। कूनो नेशनल पार्क और ...

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| सतना टाइम्स

भारत में ‘चीता प्रोजेक्ट’ (Cheetah Project India) अपने तीसरे और सबसे रोमांचक चरण में प्रवेश कर रहा है। कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य के बाद अब सागर का वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) चीतों का नया ठिकाना बनने जा रहा है। जून 2026 के अंत तक यहाँ चीतों की शिफ्टिंग होने की उम्मीद है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (VDTR) अब दुनिया के नक्शे पर एक अनोखे स्थान के रूप में उभरने वाला है। यह देश का पहला ऐसा जंगल होगा जहाँ बाघ (Tiger), तेंदुआ (Leopard) और चीता (Cheetah) एक ही प्राकृतिक परिवेश में सह-अस्तित्व में रहेंगे।

 4 चीतों की होगी पहली खेप

  • कौन आएंगे: बोत्सवाना से कूनो लाए गए 9 चीतों में से 4 चीतों (1 नर और 3 मादा) को यहाँ शिफ्ट करने की तैयारी है।

  • तैयारियां: मोहली रेंज में चीतों को रखने के लिए क्वारेंटाइन और सॉफ्ट रिलीज ‘बोमा’ (बाड़े) तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही यहाँ का निरीक्षण और भूमिपूजन कर सकते हैं।

सुरक्षा के लिए ‘सोलर झटका’ तकनीक

नौरादेही में पहले से ही बाघों और तेंदुओं की बड़ी संख्या है, जो चीतों के लिए खतरा बन सकते हैं। इससे निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं:

  • सोलर फेंसिंग: चीतों के बाड़े के ऊपरी हिस्से में सोलर एनर्जी से संचालित तारों की दीवार बनाई जा रही है।

  • हल्का करंट: इन तारों में 24 घंटे हल्का करंट प्रवाहित होगा। यह करंट किसी भी शिकारी जानवर (बाघ या तेंदुआ) को बाड़े के अंदर घुसने से रोकेगा, जिससे चीते सुरक्षित रहेंगे।

1000 एकड़ का विशाल बाड़ा

केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं:

मोहली रेंज ही क्यों चुनी गई?

NTCA और वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की टीम ने नौरादेही की मोहली रेंज का चयन इसलिए किया क्योंकि:

नौरादेही चीता प्रोजेक्ट: एक नज़र में (Quick Facts)

विवरण जानकारी
स्थान वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही), जिला सागर (म.प्र.)
प्रस्तावित समय जून 2026 के अंत तक
संख्या 4 चीते (1 नर, 3 मादा)
खासियत बाघ, तेंदुआ और चीता एक ही जंगल में (देश में पहली बार)
सुरक्षा तकनीक 24×365 सोलर करंट फेंसिंग

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें