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MP में सड़क हादसों का कोहराम: हर दिन 41 मौतें; हेलमेट और सीटबेल्ट की अनदेखी में प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर

नई दिल्ली/भोपाल:केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले ...

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| सतना टाइम्स

नई दिल्ली/भोपाल:केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले में देश का चौथा सबसे प्रभावित राज्य बन गया है। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा जानलेवा हादसे हो रहे हैं। विशेष रूप से हेलमेट और सीटबेल्ट जैसे बुनियादी सुरक्षा नियमों की अनदेखी प्रदेश के लिए घातक साबित हो रही है।

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2024 के आंकड़े: एक नजर में

वर्ष 2024 के दौरान मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक रही:

  • कुल मौतें: 14,791 लोग सड़क हादसों में मारे गए।

  • हेलमेट न पहनना: 6,541 लोगों की जान सिर्फ इसलिए गई क्योंकि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। इस मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में दूसरे स्थान पर है।

  • सीटबेल्ट की अनदेखी: 1,929 लोगों ने सीटबेल्ट न बांधने के कारण अपनी जान गंवाई।

ओवर-स्पीडिंग: रफ्तार का जानलेवा शौक

अत्यधिक गति (Over-speeding) मध्य प्रदेश में मौतों का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। 2024 में ओवर-स्पीडिंग के कारण 11,970 लोगों की मौत हुई, जिससे मध्य प्रदेश इस सूची में देश में तीसरे स्थान पर रहा। केवल तमिलनाडु (12,240) और उत्तर प्रदेश (12,010) ही इस मामले में मध्य प्रदेश से आगे हैं।

चार साल में तेजी से बढ़ा ग्राफ

पिछले चार वर्षों में सड़क हादसों और मौतों की संख्या में भारी उछाल आया है:

| वर्ष | सड़क हादसे | कुल मौतें |

| 2020 | 45,266 | 11,141 |

| 2024 | 56,669 | 14,791 |

राज्यों के बीच तुलना: कहाँ खड़ा है MP?

कुल सड़क दुर्घटना मौतों में शीर्ष राज्य:

  1. उत्तर प्रदेश: 24,118 मौतें

  2. तमिलनाडु: 18,449 मौतें

  3. महाराष्ट्र: 15,715 मौतें

  4. मध्य प्रदेश: 14,791 मौतें

ध्यान देने वाली बात: तमिलनाडु में सीटबेल्ट न बांधने से केवल 469 मौतें हुईं, जबकि मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 1,929 है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में नियमों के प्रति जागरूकता और पालन की भारी कमी है।

केंद्र की पहल: अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट

नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन कराना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अब सभी राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के डिजाइन, निर्माण और उद्घाटन से पहले नियमित सुरक्षा ऑडिट कराना अनिवार्य कर दिया है। पुराने राजमार्गों पर भी ऑडिट किया जाएगा ताकि तकनीकी कमियों के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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