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सतना: थाने के सामने ‘सेंधमारी’; दमकल स्टेशन से 5 वायरलेस सेट और इमरजेंसी मोबाइल पार, जब कमिश्नर ले रहे थे मीटिंग, तब चोरों ने चेंबर में हाथ साफ किया

सतना। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिस थाने की नाक के नीचे भी वारदात करने से नहीं कतरा ...

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| सतना टाइम्स

सतना। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिस थाने की नाक के नीचे भी वारदात करने से नहीं कतरा रहे। बुधवार शाम करीब 4 बजे, कोलगवां थाने के सामने स्थित नगर निगम के फायर स्टेशन में चोरों ने स्टेशन प्रभारी के चेंबर को निशाना बनाया। चोर वहां से 5 वायरलेस सेट, चार्जर और इमरजेंसी मोबाइल सहित कई महत्वपूर्ण उपकरण लेकर रफूचक्कर हो गए। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के समय स्टाफ मौजूद था, फिर भी किसी को भनक तक नहीं लगी।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • दुस्साहस: कोलगवां थाने के ठीक सामने स्थित फायर स्टेशन में दिनदहाड़े हुई चोरी।

  • लापरवाही का आलम: ड्यूटी पर स्टाफ के दो सदस्य मौजूद थे, फिर भी प्रभारी के चेंबर से गायब हुए वायरलेस सेट।

  • इत्तेफाक: जिस वक्त हुई चोरी, उसी समय नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीणा ले रहे थे फायर विभाग की बैठक।

  • मामले को दबाने की कोशिश: इतनी बड़ी चोरी के बावजूद अब तक थाने में दर्ज नहीं कराई गई आधिकारिक रिपोर्ट।


चेंबर में घुसे चोर, स्टाफ को खबर तक नहीं

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह चोरी स्टेशन प्रभारी कौशलेंद्र सिंह के चेंबर में हुई है।

  1. ड्यूटी पर तैनात स्टाफ: घटना के समय विनीत राव और आशीष सिंह ड्यूटी पर तैनात थे। इसके बावजूद चोर बड़ी आसानी से चेंबर के भीतर दाखिल हुए और सरकारी संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया।

  2. क्या-क्या हुआ चोरी: चोर अपने साथ 5 वायरलेस सेट (जो संवाद का मुख्य जरिया होते हैं), एक इमरजेंसी मोबाइल और चार्जर ले गए हैं।

  3. सुरक्षा पर सवाल: थाने के सामने स्थित सरकारी दफ्तर में इस तरह की सेंधमारी ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कमिश्नर की मीटिंग और ‘सुलभ’ सेंधमारी

यह घटना उस समय हुई जब नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीणा नगर निगम कार्यालय में फायर शाखा की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ले रहे थे। एक तरफ अधिकारी व्यवस्था सुधारने की चर्चा कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ मैदानी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। इस पूरे घटनाक्रम में प्रभारी फायर अधिकारी सुलभ पाठक की भूमिका और नियंत्रण पर भी सवाल उठ रहे हैं।


क्यों नहीं दर्ज हुई FIR?

सबसे ज्यादा हैरान करने वाला पहलू यह है कि चोरी की इस गंभीर घटना को लेकर अब तक पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।

  • विभागीय चुप्पी: चर्चा है कि अपनी लापरवाही छिपाने के लिए विभाग के आला अधिकारी इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

  • गंभीर खतरा: वायरलेस सेट जैसे उपकरणों का गलत हाथों में जाना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील मामला हो सकता है, इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ढिलाई बरती जा रही है।


निष्कर्ष

थाने के सामने दिनदहाड़े हुई यह चोरी यह बताने के लिए काफी है कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में कब जागता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।



प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें