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BREAKING NEWS: भोपाल में अतिक्रमण पर ‘वज्रपात’! बड़े तालाब और कलियासोत किनारे गरजे बुलडोजर, रसूखदारों के बंगले-रिजॉर्ट जमींदोज

भोपाल। राजधानी भोपाल की जीवनदायिनी ‘बड़ा तालाब’ और ‘कलियासोत नदी’ को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल। राजधानी भोपाल की जीवनदायिनी ‘बड़ा तालाब’ और ‘कलियासोत नदी’ को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के डंडे के बाद रविवार को जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ मैदान में उतरी। इस कार्रवाई की जद में न केवल झुग्गी-झोपड़ियां, बल्कि बड़े नेताओं के क्लब, रसूखदारों के लग्जरी बंगले और रिजॉर्ट भी आ रहे हैं।

रसूखदारों के अवैध निर्माणों पर प्रहार

बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय और तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में टीम ने अपर लेक (Upper Lake) के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर के दायरे में बने निर्माणों को तोड़ना शुरू किया।

  • क्रिसेंट क्लब पर एक्शन: एक बड़े नेता से जुड़े बताए जा रहे ‘क्रिसेंट क्लब’ की 200 फीट लंबी बाउंड्री वॉल और सर्वेंट क्वार्टर को ढहा दिया गया। क्लब संचालक मौके पर जरूरी परमिट नहीं दिखा सका।

  • वेयरहाउस ध्वस्त: कॉन्ट्रैक्टर अमीन के 8000 स्क्वायर फीट के वेयरहाउस का अवैध हिस्सा गिरा दिया गया है।

कलेक्टर का सख्त आदेश: 153 निर्माण चिन्हित

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया है कि 16 मार्च 2022 के बाद FTL के 50 मीटर (शहरी) और 250 मीटर (ग्रामीण) के अंदर बने हर स्ट्रक्चर को अतिक्रमण मानकर गिराया जाएगा। प्रशासन ने सर्वे के बाद 153 लग्जरी बंगलों, रिजॉर्ट्स और पक्के निर्माणों की सूची तैयार की है।

कलियासोत में डेयरियों पर चला पीला पंजा

दूसरी तरफ, टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा की टीम ने कलियासोत डैम के पास चल रही 8 अवैध डेयरियों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, ये डेयरियां दो साल पहले भी हटाई गई थीं, लेकिन इन्होंने दोबारा निर्माण कर लिया था।

48 घंटे की ‘अंतिम’ मोहलत

कार्रवाई के दौरान रिजॉर्ट ऑपरेटर शैलेंद्र रैना और बिजनेसमैन बबलू सहित कुछ अन्य लोगों ने प्रशासन से 2 दिन की मोहलत मांगी है। उन्होंने लिखित में आश्वासन दिया है कि वे खुद अपना अवैध निर्माण हटा लेंगे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे बाद मलबा नहीं हटा, तो बुलडोजर फिर से गरजेंगे।


प्रशासन का ‘नो कंस्ट्रक्शन जोन’ प्लान

  • शहरी क्षेत्र: झील के किनारे 50 मीटर तक कोई निर्माण नहीं।

  • ग्रामीण क्षेत्र: झील के किनारे 250 मीटर तक पाबंदी।

  • लक्ष्य: जल स्रोतों को प्रदूषण और कब्जे से बचाना।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें