नर्मदापुरम। होली के त्यौहार से पहले जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ कलेक्टर सोनिया मीना ने युद्धस्तर पर मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर के सख्त आदेश पर संयुक्त जांच दल ने इटारसी, पिपरिया और सोहागपुर के मिष्ठान भंडारों और डेयरियों पर ताबड़तोड़ औचक दबिश दी। इस कार्रवाई से पूरे जिले के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।

चलित लैब से मौके पर ही ‘दूध का दूध, पानी का पानी’
प्रशासनिक टीम इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी। मोबाइल लैब (चलित प्रयोगशाला) के जरिए मौके पर ही 30 से ज्यादा मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांची गई।
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गंदगी का अंबार: जांच के दौरान भागचंद कहार, महेश मिष्ठान और केला देवी नाश्ता सेंटर जैसे प्रतिष्ठित ठिकानों पर भारी गंदगी और अस्वास्थ्यकर स्थितियां पाई गईं, जिन्हें तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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सैंपल जब्त: ‘राजस्थान मिष्ठान भंडार’ और ‘डमरू वाला स्वीट्स’ जैसे बड़े नामों के यहां से केसर पेड़ा, खोवा और बेसन के लड्डू के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य लैब भेजे गए हैं।
प्रशासन को देख बर्तन छोड़ भागे दूधिया
मिठाइयों के साथ-साथ मिलावटी दूध के कारोबार पर भी कड़ा प्रहार किया गया। सोहागपुर और पिपरिया में जैसे ही खाद्य विभाग की टीम पहुंची, संदिग्ध दूध बेच रहे कई दूधिया अपनी गाड़ियां और बर्तन मौके पर ही छोड़कर भाग खड़े हुए। टीम ने लावारिस हालत में मिले और संदिग्ध दूध के सैंपल कलेक्ट किए हैं ताकि सिंथेटिक दूध की सच्चाई सामने आ सके।
होली तक ‘नो रिलैक्स’ मोड में प्रशासन
खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा और तहसीलदार सरिता मालवीय के नेतृत्व में चल रही यह कार्रवाई थमती नजर नहीं आ रही है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि:
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सतत निगरानी: होली के त्यौहार तक पूरे जिले में औचक निरीक्षण और सैंपलिंग जारी रहेगी।
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सख्त सजा: लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
जनता के लिए संदेश: सतर्क रहें!
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि चटख रंगों वाली मिठाइयों और अत्यधिक सफेद मावे से बचें। किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत खाद्य विभाग को दें।








