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BREAKING NEWS: MP में ‘सुपर कंप्यूटर’ से भी तेज निकले 12 छात्र! 15 मिनट में हल किया पूरा पेपर, अब MPESB ने दर्ज कराई FIR

भोपाल/रतलाम। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की आबकारी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2024 में एक ऐसा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है, जिसने सिस्टम की ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल/रतलाम। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की आबकारी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2024 में एक ऐसा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है, जिसने सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रतलाम के एक परीक्षा केंद्र पर कुछ छात्रों ने 2 घंटे के पेपर को महज 15 से 30 मिनट में सॉल्व कर दिया और स्कोर भी 100 पर्सेंटाइल रहा। संदेह होने पर जब जांच की गई, तो परत दर परत धांधली की कहानी सामने आती गई।

1. अजूबा: 15 मिनट में 100 सवाल!

आमतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में समय कम पड़ जाता है, लेकिन रतलाम पब्लिक स्कूल सेंटर पर 12 अभ्यर्थियों ने कमाल कर दिया।

  • स्पीड: 120 मिनट का पेपर सिर्फ 15-30 मिनट में खत्म।

  • व्यवहार: जवाब देने के बाद ये छात्र अगले डेढ़ घंटे तक बिना किसी गतिविधि (रफ वर्क) के चुपचाप बैठे रहे।

  • इतिहास: डेटा एनालिसिस से पता चला कि इन्हीं छात्रों के पिछली परीक्षाओं में कभी 50 नंबर भी नहीं आए थे, लेकिन इस बार सबके 90 से ऊपर नंबर आए हैं।

2. रतलाम का वो सेंटर और ‘सीक्रेट’ मददगार

यह पूरी धांधली रतलाम पब्लिक स्कूल में हुई, जिसे कर्मचारी चयन मंडल ने पहली बार सेंटर बनाया था।

  • CCTV का खुलासा: फुटेज की जांच में सामने आया है कि इन छात्रों को कोई बाहरी व्यक्ति या सेंटर का स्टाफ गाइड कर रहा था।

  • पैटर्न: ये 12 छात्र अलग-अलग शिफ्ट में बैठे थे, लेकिन इनका ‘मददगार’ एक ही व्यक्ति था। ऐसा शक है कि रिमोट एक्सेस या किसी हाईटेक तकनीक के जरिए इन्हें जवाब बताए गए।

3. इन 12 ‘मेधावी’ ठगों पर गिरी गाज

चयन मंडल की शिकायत पर पुलिस ने 12 अभ्यर्थियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनके नाम हैं:

आशुतोष, विवेक, कुलदीप, सुभाष, रवि, दयाशंकर, अनिल, शैलेंद्र, अंकित, संजीत, पुष्पेंद्र और आशु।

4. विवादों का ‘व्यापमं’ कनेक्शन

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल का विवादों से पुराना नाता रहा है।

  • पहले इसका नाम व्यापमं था, जिसे छवि सुधारने के लिए बदला गया।

  • हाल ही में पटवारी भर्ती परीक्षा भी भारी विवादों के बाद रद्द करनी पड़ी थी।

  • अब आबकारी भर्ती में इस खुलासे ने एक बार फिर चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर दाग लगा दिया है।

प्रशासनिक रुख: सिफारिश करने वालों पर नजर

मंडल अब इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर इस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाने की सिफारिश किसने की थी? क्या इसके पीछे कोई बड़ा अंतर्राज्यीय नकल माफिया गिरोह सक्रिय है? फिलहाल इन सभी 12 छात्रों का रिजल्ट रोक दिया गया है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें