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Satna में ‘खूनी खेल’ पर Bhopal तक हड़कंप, 6 बच्चों को HIV होने पर स्वास्थ्य मंत्री सख्त, 6 सदस्यीय स्टेट टीम आज करेगी जांच

Satna News :मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले ने अब तूल ...

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| सतना टाइम्स

Satna News :मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घोर लापरवाही का दायरा बढ़ता जा रहा है।पहले जहाँ 4 बच्चों के संक्रमित होने की खबर थी, वहीं अब कलेक्टर ने पुष्टि की है कि कुल 6 बच्चे एचआईवी पॉजिटिव हो गए हैं।मामला 4 महीने पुराना होने के बावजूद दबाए रखने पर प्रशासन सख्त हो गया है। भोपाल से लेकर सतना तक हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है, वहीं स्वास्थ्य आयुक्त ने 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर दी है, जो बुधवार को सतना पहुंचकर जांच शुरू करेगी।

मामले को दबाने और वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर सूचना न देने पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। सिविल सर्जन ने जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी की नोडल अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। सिविल सर्जन ने नोटिस में कहा है कि वस्तुस्थिति से अवगत कराना आपका दायित्व था, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया। डॉ. गुप्ता को 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का अल्टीमेटम दिया गया है।

सतना से भोपाल तक मचा हड़कंप

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य और जिला स्तर पर अलग-अलग जांच कमेटियां बनाई गई हैं।स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हेल्थ कमिश्नर तरुण राठी ने 6 विशेषज्ञों की टीम बनाई है। इसमें डॉ. एसबी अवधिया (क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य, रीवा संभाग), डॉ. रूबी खान (डिप्टी डायरेक्टर, एसबीटीसी/ब्लड सेल), डॉ. रोमेश जैन (ब्लड ट्रांसफ्यूजन स्पेशलिस्ट, एम्स भोपाल), डॉ. सीमा नवेद (सीनियर ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, भोपाल), संजीव जादोन (सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर, होशंगाबाद), प्रियंका चौबे (डीआई, सतना) शामिल है।

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जिला स्तर में भी टीम जांच टीम गठित

सिविल सर्जन डॉ. शुक्ला ने स्थानीय स्तर पर भी 3 सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसे 3 दिन में रिपोर्ट देनी है। इसमें डॉ. संदीप द्विवेदी (शिशुरोग विशेषज्ञ), डॉ. देवेंद्र पटेल (पैथोलॉजिस्ट) और डॉ. धीरेंद्र वर्मा शामिल हैं।

विंडो पीरियड या प्रोटोकॉल में चूक?”

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया कि 6 संक्रमित बच्चों में से 5 के माता-पिता एचआईवी निगेटिव हैं, जिससे साफ है कि संक्रमण खून चढ़ने से ही हुआ है। केवल एक बच्चे के माता-पिता पॉजिटिव पाए गए हैं।कलेक्टर ने बताया कि संक्रमण का सटीक कारण पता लगाना चुनौती है क्योंकि एक बच्चे को साल में 20-30 बार खून चढ़ता है। इन बच्चों ने सिर्फ जिला अस्पताल ही नहीं, बल्कि निजी अस्पतालों और जबलपुर में भी खून चढ़वाया है।

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जांच के बाद होगी कार्यवाही

यह जांच का विषय है कि क्या यह विंडो पीरियड’ (जब वायरस टेस्ट में नहीं पकड़ आता) का मामला है, या फिर ब्लड बैंक में टेस्टिंग प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।ये पूरा जांच का विषय है जांच के बाद जो भी उचित होगा उस पर कार्यवाही की जाएगी।फिलहाल, 6 मासूमों की जिंदगी दांव पर है और पूरा स्वास्थ्य महकमा अब अपनी साख बचाने और दोषियों को खोजने की कवायद में जुटा है।

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