भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। एम्स भोपाल के एक फेस्ट से लौटे एमबीबीएस छात्रों के दो गुटों के बीच एक मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि कॉलेज परिसर के सुधामृत कैफे में रॉड और डंडे चलने लगे, जिससे कई छात्र घायल हो गए। इस गंभीर घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 15 छात्रों को निलंबित कर दिया है।
मैगी बनाने की बारी पर शुरू हुआ विवाद
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विवाद का कारण: यह खूनी संघर्ष ‘मैगी विवाद’ के चलते हुआ। कैफे में किसकी मैगी पहले बनेगी, इस बात पर जूनियर डॉक्टरों के दो गुटों में बहस शुरू हो गई।
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माहौल बिगड़ा: विवाद जल्द ही डे-स्कॉलर्स और हॉस्टलर्स के बीच की लड़ाई में बदल गया। बताया जा रहा है कि कुछ छात्रों का नशे में होना भी इस विवाद को बढ़ाने का एक बड़ा कारण रहा, जिससे माहौल और बिगड़ गया।
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हमला: छात्रों ने एक-दूसरे पर लोहे की रॉड और डंडों से बेरहमी से हमला करना शुरू कर दिया।
एक छात्र ICU में भर्ती, 15 हुए निलंबित
इस लड़ाई के कारण कई छात्र घायल हुए, जिनमें से दो की चोटें गंभीर थीं:
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गंभीर चोटें: बीच-बचाव में उतरे एक छात्र को इतनी गंभीर चोटें आईं कि उसे तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराना पड़ा। एक अन्य घायल छात्र को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
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प्रशासनिक कार्रवाई: कॉलेज प्रशासन ने इस घटना को ‘चरम अनुशासनहीनता’ करार दिया। गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता एन सिंह के नेतृत्व में 5 दिसंबर को हुई आपात बैठक के बाद, तत्काल प्रभाव से 15 छात्रों को निलंबित कर दिया गया है।
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कड़ा संदेश: कॉलेज प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मेडिकल छात्रों से जिस संयम की अपेक्षा की जाती है, उसका उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








