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कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में BJP का ‘बिग मूव’! संगठन में बड़ा फेरबदल, कांग्रेस की राह हुई और मुश्किल

छिंदवाड़ा: बिहार विधानसभा चुनाव में अपने शानदार प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब मध्य प्रदेश में अपनी संगठनात्मक पकड़ ...

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| सतना टाइम्स

छिंदवाड़ा: बिहार विधानसभा चुनाव में अपने शानदार प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब मध्य प्रदेश में अपनी संगठनात्मक पकड़ को मजबूती देने के लिए बड़े रणनीतिक फेरबदल किए हैं। इन बदलावों का मुख्य केंद्र कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का परंपरागत गढ़ छिंदवाड़ा है।

छिंदवाड़ा पर विशेष फोकस

2024 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जीत दर्ज करने के बाद, बीजेपी अब छिंदवाड़ा में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी की यह नई रणनीति कांग्रेस के लिए इस गढ़ में वापसी को अत्यंत मुश्किल बना सकती है।

  • नया संगठनात्मक संभाग: प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने तीन नए संगठनात्मक संभागों का गठन किया है। इसी के तहत, छिंदवाड़ा को जबलपुर संभाग से अलग कर एक स्वतंत्र और नया संगठनात्मक संभाग बना दिया गया है।

  • राज्यसभा सांसद को जिम्मेदारी: छिंदवाड़ा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद और प्रदेश महामंत्री सुमेर सिंह सोलंकी को सौंपी गई है।

पार्टी का कहना है कि नए संभागों का गठन कामकाज में पारदर्शिता और निगरानी को आसान बनाने के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावों की दृष्टि से संगठन विस्तार और एक सोची-समझी रणनीतिक तैयारी के रूप में देख रहे हैं।

संगठनात्मक पुनर्गठन: कौन कहां का प्रभारी?

छिंदवाड़ा के अलावा, उज्जैन से मंदसौर और इंदौर से निमाड़ को अलग कर भी नए संभाग बनाए गए हैं। बीजेपी की इस नई टीम में अब कुल 13 संभागीय प्रभारी हैं:

संभाग प्रभारी
भोपाल डॉ. तेज बहादुर सिंह (विधायक, नागदा-खाचरोद)
इंदौर रणवीर सिंह रावत (प्रदेश उपाध्यक्ष)
जबलपुर राहुल कोठारी (प्रदेश महामंत्री)
उज्जैन लता वानखेड़े (सांसद)
सागर गौरव रणदिवे (महामंत्री)
ग्वालियर निशांत खरे
चंबल अभय यादव
नर्मदापुरम कांत देव सिंह
निमाड़ सुरेंद्र शर्मा
रीवा विजय दुबे
शहडोल गौरव सिरोठिया
मंदसौर सुरेश आर्य
छिंदवाड़ा सुमेर सिंह सोलंकी (राज्यसभा सांसद, प्रदेश महामंत्री)

राजनीतिक मायने

राजनीतिक विशेषज्ञ बीजेपी की इस संगठनात्मक संरचना को मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले महीनों के लिए एक ‘बिग मूव’ मान रहे हैं। कमलनाथ के अभेद्य माने जाने वाले गढ़ को संगठनात्मक रूप से अलग कर एक महामंत्री स्तर के नेता को जिम्मेदारी सौंपना, यह स्पष्ट संकेत देता है कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व अब मध्य प्रदेश में कांग्रेस को उसके सबसे मजबूत किले में ही चुनौती देने के लिए तैयार है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें