दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में बीजेपी की आंतरिक गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। हटा विधानसभा से बीजेपी विधायक उमादेवी खटीक अपनी ही सरकार के दो मंत्रियों द्वारा विधानसभा क्षेत्र में लगातार हस्तक्षेप किए जाने से इतनी परेशान हो गईं कि प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार के सामने उनका दर्द छलक पड़ा। उन्होंने भावुक होते हुए यहाँ तक कह दिया कि वे मंत्री चाहें तो हटा में अपना कार्यालय खोल लें, और वह खुद इस्तीफा दे देंगी।
प्रभारी मंत्री के सामने छलका दर्द
-
घटना: दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार जिला प्रशासन की बैठक और पार्टी कार्यालय में विधायकों से मुलाकात करने दमोह आए थे।
-
शिकायत: हटा विधायक उमादेवी खटीक ने मंत्रियों द्वारा उनके विधानसभा क्षेत्र हटा में लगातार हस्तक्षेप करने की बात प्रभारी मंत्री के सामने खुलकर रखी।
-
भावुक अपील: सामने आए वीडियो में विधायक खटीक भावुक होती नजर आईं और उन्होंने मंत्रियों द्वारा किए जा रहे हस्तक्षेप पर निराशा व्यक्त करते हुए इस्तीफे की पेशकश तक कर दी।
कौन कर रहे हैं हस्तक्षेप?
हालांकि विधायक उमादेवी खटीक ने किसी भी मंत्री का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने इशारों में ही अपनी बात कह दी। दमोह जिले से दो विधायक वर्तमान में मोहन सरकार में मंत्री हैं:
| मंत्री का नाम | विधानसभा क्षेत्र | विभाग |
| धर्मेंद्र सिंह लोधी | जबेरा | संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास मंत्री |
| लखन पटेल | पथरिया | पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री |
विधायक खटीक का दर्द मुख्य रूप से सरकारी सिस्टम में मंत्रियों के दखल, विधायक से जुड़े लोगों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और अन्य प्रशासनिक मामलों में लगातार हो रहे हस्तक्षेप को लेकर था।








