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गुना ‘हवाला कांड’ में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: मुख्यमंत्री ने SP अंकित सोनी को हटाया; 1 करोड़ की ‘डील’ और ‘रिफंड’ के खेल में नपे कप्तान

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में नेशनल हाईवे पर हुए ‘पुलिस हवाला रकम लूट कांड’ ने पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे ...

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| सतना टाइम्स

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में नेशनल हाईवे पर हुए ‘पुलिस हवाला रकम लूट कांड’ ने पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए गुना के पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • CM का ‘X’ पर प्रहार: “लापरवाही और अनियमितता स्वीकार्य नहीं, जवाबदेही तय होगी।”

  • 1 करोड़ का मामला: चेकिंग में मिली बड़ी नकदी को ‘सेट’ करने के आरोप में गिरी गाज।

  • चार पुलिसकर्मी सस्पेंड: थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सहित 4 पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई।

  • DIG की जांच: ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी की रिपोर्ट के बाद हुई बड़ी कार्रवाई।


क्या था पूरा मामला 20 लाख की ‘डील’ और ‘रिफंड’ की इनसाइड स्टोरी

यह पूरा घटनाक्रम 19 मार्च को नेशनल हाईवे-46 पर शुरू हुआ, जहाँ पुलिस ने गुजरात पासिंग की एक स्कॉर्पियो कार को रोका था।

  • बड़ी बरामदगी: कार की तलाशी में लगभग 1 करोड़ रुपये की नकद राशि मिली थी।

  • कथित सेटलमेंट: नियमों के मुताबिक राशि जब्त करने के बजाय, आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने 20 लाख रुपये लेकर मामला रफा-दफा कर दिया।

  • हाई-प्रोफाइल हस्तक्षेप: सूत्रों के अनुसार, जब यह मामला गुजरात के एक वरिष्ठ IPS अधिकारी तक पहुँचा, तो उनके हस्तक्षेप के बाद कथित तौर पर वह राशि वापस (रिफंड) की गई, जिससे पूरा मामला उजागर हो गया।

इन 4 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

डीआईजी अमित सांघी की प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है:

  1. एसआई प्रभात कटारे (थाना प्रभारी, धरनावदा)

  2. एएसआई साजिद हुसैन (चौकी प्रभारी, रूठियाई)

  3. देवेंद्र सिंह सिकरवार (प्रधान आरक्षक)

  4. सुंदर रमन (आरक्षक)


मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: ‘जवाबदेही जिले के मुखिया की’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया (X) के माध्यम से इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए लिखा:

“गुना जिले में तलाशी में मिली नकद राशि के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित न मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक शिथिलता अथवा अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।”

इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि अब केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि जिले की कमान संभालने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।


अब आगे क्या?

गुना में अब नई एसपी IPS हितिका वासल कार्यभार संभालेंगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पुलिस की धूमिल हुई छवि को सुधारना और इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच करना होगा। पुलिस अब उन सीसीटीवी फुटेज और उस व्यापारी की तलाश कर रही है, जिससे यह ‘सेटलमेंट’ किया गया था। जांच की आंच अभी कई और चेहरों तक पहुँच सकती है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें