भोपाल (मध्य प्रदेश):मुख्य सचिव अनुराग जैन के हस्ताक्षर से जारी इस सूची ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। छुट्टी के दिन जारी किए गए इन आदेशों में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में कटौती की गई है, तो कई को नई और बड़ी जिम्मेदारियां मिली हैं।
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1. दिलीप यादव का ‘कमबैक’ और प्रमोशन
इंदौर के भागीरथपुरा में हुए जहरीला पानी कांड (जिसमें 23 लोगों की मौत का दावा किया गया है) के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए आईएएस दिलीप यादव को निगमायुक्त पद से हटा दिया था।
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नई नियुक्ति: महज 16 दिन बाद उन्हें प्रबंध संचालक (MD), मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम जैसा महत्वपूर्ण पद दिया गया है।
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चर्चा: राजनीतिक गलियारों में इसे विवाद के बीच ‘प्रमोशन’ के तौर पर देखा जा रहा है।
2. प्रमुख सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के फेरबदल
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उमाकांत उमराव (1996 बैच): इनसे खनिज साधन विभाग जैसा महत्वपूर्ण विभाग वापस ले लिया गया है। अब वे केवल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव बने रहेंगे।
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तरुण राठी: इन्हें आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं से हटाकर आयुक्त, आदिवासी विकास बनाया गया है।
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विशेष गड़पाले: इन्हें ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी जिम्मेदारी देते हुए सचिव, ऊर्जा विभाग और एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी (जबलपुर) के साथ पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का MD बनाया गया है।
3. अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
तबादला सूची में शिवशेखर शुक्ल, शोभित जैन और जान किंग्सले जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में भी फेरबदल कर उन्हें नए विंग्स का दायित्व सौंपा गया है।
प्रशासनिक सर्जरी: मुख्य बदलाव एक नजर में
| अधिकारी का नाम | वर्तमान/पूर्व पद | नवीन पदस्थापना |
| दिलीप यादव | पूर्व निगमायुक्त, इंदौर | MD, पर्यटन विकास निगम |
| उमाकांत उमराव | PS, खनिज एवं पशुपालन | PS, पशुपालन एवं डेयरी (खनिज विभाग हटा) |
| तरुण राठी | आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं | आयुक्त, आदिवासी विकास |
| विशेष गड़पाले | – | सचिव, ऊर्जा विभाग एवं MD, पूर्व क्षेत्र विद्युत |
| शिवशेखर शुक्ल | वरिष्ठ IAS | महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त समन्वय |
सीएम की दावोस यात्रा और टाइमिंग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में शामिल होने के लिए दावोस जा रहे हैं। उनके जाने से पहले इतनी बड़ी सूची जारी करना यह दर्शाता है कि सरकार अपनी गैर-मौजूदगी में प्रशासनिक कसावट बनाए रखना चाहती है। हालांकि, इंदौर कांड के दोषी अधिकारियों को लेकर विपक्ष एक बार फिर हमलावर हो सकता है।








