ग्वालियर/भोपाल। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के ग्वालियर को एक बड़ी उपलब्धि मिलने जा रही है। यहां देश का तीसरा और मध्य प्रदेश का पहला क्षेत्रीय कोल्ड चेन रिसोर्स प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र नवंबर माह से काम करना शुरू कर देगा। यूनिसेफ के सहयोग से ₹60 लाख रुपये के फंड से स्थापित यह केंद्र राज्य के टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूती देगा।
टेक्नीशियन, डॉक्टर और ANM को मिलेगा प्रशिक्षण
इस केंद्र का संचालन और निगरानी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) करेगा। क्षेत्रीय वैक्सीन भंडार ग्वालियर में स्थापित होने वाला यह केंद्र, खासतौर पर टेक्नीशियन, मेडिकल ऑफिसर और एएनएम (Auxiliary Nurse Midwifery) को प्रशिक्षण देगा।
NHM, भोपाल के राज्य कोल्ड चेन अधिकारी विपिन श्रीवास्तव ने बताया कि यह केंद्र कोल्ड चेन सिस्टम को पेशेवर तरीके से मजबूत करेगा, जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

प्रशिक्षण में ये होगा खास
यह प्रशिक्षण केंद्र टीकाकरण के उपकरणों की मरम्मत से लेकर उनके संचालन तक का प्रशिक्षण देगा। क्षेत्रीय वैक्सीन भंडार के प्रभारी अभय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि इससे टीकों की गुणवत्ता, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन बेहतर होगा, जिससे रोग प्रतिरोधक अभियान को नई गति मिलेगी।
प्रशिक्षण में शामिल मुख्य बिंदु:
- कोल्ड चेन उपकरणों की मरम्मत और संचालन की ट्रेनिंग।
- नई तकनीकों की जानकारी और उपयोग का अभ्यास।
- वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण और सप्लाई चेन प्रबंधन की शिक्षा।
- टेक्नीशियनों को एडवांस ट्रेनिंग और मेडिकल स्टाफ को बेसिक ट्रेनिंग।
- विशेषज्ञ दिल्ली और पुणे से आएंगे
इस केंद्र में प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली स्थित नेशनल कोल्ड चेन एंड वैक्सीन मैनेजमेंट रिसर्च सेंटर (एनसीसीवीएमआरसी) और पुणे के नेशनल कोल्ड चेन रिसोर्स सेंटर (एनसीसीआरसी) से विशेषज्ञ आएंगे।
ज्ञात हो कि देशभर में अभी तक सिर्फ दिल्ली और पुणे में ही इस प्रकार के कोल्ड चेन प्रशिक्षण केंद्र मौजूद हैं। इस खास सूची में ग्वालियर के शामिल होने से न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे मध्य भारत के अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, ग्वालियर की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्थाएं और भौगोलिक स्थिति इस केंद्र के चयन का प्रमुख कारण हैं।








