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भोपाल: पेड़ों की कटाई के बदले NHAI लगाएगा 81,000 पौधे! अयोध्या बायपास के दोनों ओर बनेंगे ग्रीन कॉरिडोर, 15 साल तक होगी देखरेख

भोपाल (मध्य प्रदेश):राजधानी भोपाल में अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण के दौरान हुई पेड़ों की कटाई की भरपाई के लिए NHAI ने पर्यावरण ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल (मध्य प्रदेश):राजधानी भोपाल में अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण के दौरान हुई पेड़ों की कटाई की भरपाई के लिए NHAI ने पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा संकल्प लिया है। प्राधिकरण ने घोषणा की है कि परियोजना के तहत भोपाल शहर और इसके आसपास कुल 81,000 पौधे लगाए जाएंगे। इनमें से 10,000 पौधे विशेष रूप से अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे ताकि मार्ग को छायादार और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।

Bhopal Ayodhya Bypass Concept Image

20 करोड़ का बजट और 15 साल की जिम्मेदारी

NHAI ने केवल पौधरोपण का ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण का भी पुख्ता इंतजाम किया है।

  • बजट: इन पौधों की देखरेख और अनुरक्षण पर लगभग ₹20 करोड़ का खर्च प्रस्तावित है।

  • संरक्षण: NHAI अगले 15 वर्षों तक इन पौधों की सुरक्षा और रखरखाव की पूर्ण जिम्मेदारी संभालेगा।

  • अतिरिक्त प्रयास: नगर निगम के सहयोग से 10,000 अतिरिक्त पौधे पार्कों और रिक्त भूमि पर लगाए जाएंगे। झिरनिया और जागरियापुर क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।

क्यों जरूरी है चौड़ीकरण? (2050 का विजन)

NHAI के अनुसार, वर्तमान में अयोध्या बायपास की क्षमता 40,000 वाहनों की है, लेकिन वहां हर दिन 45,000 वाहन गुजर रहे हैं।

  • सिक्स लेन और सर्विस रोड: पूरे बायपास को सिक्स लेन में बदला जा रहा है। स्थानीय कॉलोनियों के ट्रैफिक के लिए अलग से सर्विस रोड बनाई जा रही है ताकि मुख्य मार्ग पर दबाव कम हो।

  • ब्लैक स्पॉट्स: इस मार्ग पर चिन्हित 3 ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को खत्म कर इसे सुरक्षित बनाया जाएगा।

  • भविष्य की तैयारी: यह नया डिजाइन वर्ष 2050 तक के अनुमानित यातायात दबाव को संभालने में सक्षम होगा।

डिजाइन में बदलाव: कम कटे पेड़

पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए NHAI ने परियोजना के मूल डिजाइन में संशोधन किया है। प्राधिकरण का दावा है कि इस बदलाव की वजह से पहले की तुलना में पेड़ों की कटाई को न्यूनतम स्तर पर रखा गया है। केवल सुरक्षा और यातायात सुगमता के लिए अनिवार्य वृक्षों को ही हटाया गया है।


निष्कर्ष: विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने के लिए NHAI की यह 81,000 पौधों की योजना भोपाल के ‘ग्रीन सिटी’ के तमगे को बचाए रखने में सहायक होगी।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें