भोपाल मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस की कमी ने न केवल व्यापारियों बल्कि रेल यात्रियों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने खराब हैं कि 20 साल में पहली बार दुकानदारों को सिलेंडर न होने पर काम बंद करना पड़ा है। ईरान-इजराइल युद्ध की आंच अब मध्य प्रदेश की रसोई और रेल सेवा तक पहुँच गई है। राजधानी भोपाल में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की भारी किल्लत के चलते हाहाकार मचा हुआ है। जहाँ एक तरफ चाय-नाश्ते की दुकानें बंद हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ वीआईपी ट्रेनों में यात्रियों को भूखा रहने या पैकेट बंद खाना खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
ट्रेनों में रसोई सेवा ठप
कमर्शियल गैस संकट का असर प्रीमियम ट्रेनों पर भी पड़ा है:
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शताब्दी एक्सप्रेस: ग्वालियर से भोपाल के बीच यात्रियों को गर्म भोजन नहीं मिल सका। ट्रेन में बाकायदा अनाउंसमेंट कर बताया गया कि सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण खाना नहीं बन पाया है।
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पैक्ड फूड का सहारा: यात्रियों को ताजे भोजन की जगह प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड थमा दिया गया, जिससे यात्रियों में नाराजगी देखी गई।
न्यू मार्केट में पसरा सन्नाटा
भोपाल के प्रमुख व्यापारिक केंद्र न्यू मार्केट और अन्य इलाकों में छोटे होटलों और चाय के टपरों पर ताले लग गए हैं:
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व्यापारियों का दर्द: फास्ट फूड संचालकों का कहना है कि 20 साल के करियर में ऐसी स्थिति पहली बार देखी है।
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सामान हो रहा खराब: गैस न होने से कच्चा माल खराब हो रहा है और कारीगरों को छुट्टी देनी पड़ रही है।
अफवाहों ने बढ़ाया संकट
कमर्शियल गैस की किल्लत की खबरों के बीच शहर में यह अफवाह फैल गई कि घरेलू सिलेंडर (Domestic LPG) भी बंद होने वाले हैं। इसके बाद:
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गैस एजेंसियों पर बुकिंग अचानक तीन गुना बढ़ गई।
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लोग होम डिलीवरी का इंतजार किए बिना खुद सिलेंडर ढोकर घर ले जा रहे हैं।
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एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं।
सरकार और प्रशासन का स्टैंड
हालात को बिगड़ता देख सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है:
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मंत्री का बयान: खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कोई किल्लत नहीं है। सप्लाई पूरी तरह सुचारू है, लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।
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विशेष छूट: खाद्य आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने बताया कि शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थानों को गैस उपयोग में छूट दी गई है ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
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कालाबाजारी पर नजर: कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।









