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बस्ती: गैस सिलेंडर लेकर ‘मैराथन’ दौड़ते दिखे लोग; महंगाई और किल्लत की अफवाह ने बढ़ाई बेचैनी, प्रशासन ने दी सफाई

बस्ती। जिले के महादेवा चौराहे पर स्थित महागौरी गैस एजेंसी के बाहर मंगलवार सुबह भगदड़ जैसा माहौल बन गया। लोग सुबह 4 ...

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| सतना टाइम्स

बस्ती। जिले के महादेवा चौराहे पर स्थित महागौरी गैस एजेंसी के बाहर मंगलवार सुबह भगदड़ जैसा माहौल बन गया। लोग सुबह 4 बजे से ही खाली सिलेंडर लेकर लाइन में लग गए थे और एजेंसी खुलते ही अफरा-तफरी मच गई।

क्यों मची भगदड़?

  • अफवाहों का बाजार: जिले में रात से ही यह चर्चा जोरों पर थी कि घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी होने वाली है और आने वाले दिनों में भारी किल्लत हो सकती है।

  • अनुशासन की कमी: सुबह 7 बजे जैसे ही एजेंसी खुली, लोग कतार तोड़कर अंदर की ओर दौड़ पड़े। वीडियो में युवा और बुजुर्ग सभी अपने कंधों पर भारी सिलेंडर लादकर भागते हुए देखे जा सकते हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता था।

नए नियम ने बढ़ाई उलझन

भीड़ बढ़ने का एक मुख्य कारण गैस कंपनियों द्वारा लागू किया गया नया नियम भी है:

  • KYC और OTP: अब 80% गैस बुकिंग ओटीपी (OTP) के माध्यम से होगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को मोबाइल नंबर की केवाईसी करानी अनिवार्य है।

  • 25 दिन का नियम: अब एक सिलेंडर लेने के 25 दिन बाद ही दूसरी बुकिंग संभव होगी। इस नियम ने उपभोक्ताओं में यह डर पैदा कर दिया कि भविष्य में सिलेंडर मिलना मुश्किल हो जाएगा।

जिला प्रशासन और DSO का पक्ष

इस हंगामे और वायरल वीडियो के बाद जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) ने स्थिति स्पष्ट की है:

  • कोई कमी नहीं: प्रशासन ने दावा किया है कि जिले में गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है। उज्ज्वला के 2.07 लाख और सामान्य 3 लाख उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति सुचारू है।

  • भीड़ की वजह: डीएसओ के अनुसार, ओटीपी और केवाईसी नियमों के कारण जो कनेक्शन ‘इनएक्टिव’ हो गए थे, लोग उन्हें सक्रिय कराने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। एजेंसियों पर इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं।

  • अपील: प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।


मामला: एक नज़र में 

  1. स्थान: महागौरी गैस एजेंसी, महादेवा चौराहा, बस्ती।

  2. कारण: गैस के दाम बढ़ने की अफवाह और केवाईसी (KYC) की अनिवार्यता।

  3. नियम: 25 दिन के अंतराल पर बुकिंग और ओटीपी (OTP) आधारित डिलीवरी।

  4. प्रशासन का रुख: जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है, यह केवल नियम परिवर्तन का असर है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें